राज्यपाल राम नाईक ने अयोध्या में बजरंग दल द्वारा आयोजित स्व रक्षा शिविर में हथियारों के साथ ट्रेनिंग दिए जाने के सवाल पर कहा कि इससे कोई हर्ज नहीं है। जो आदमी स्वयं अपनी रक्षा नहीं कर सकता है, वह समाज की रक्षा कैसे कर सकता है। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह देखना जरूरी है कि प्रशिक्षण शिविर के पीछे का वास्तविक मकसद क्या है। अतरौली के सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिक समारोह में पहुंचे राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश के कानून-व्यवस्था के सवाल पर कहा कि पूरी स्थिति आपलोग देख रहे हैं। सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सुधार की कोशिश कर रहे हैं। वार्षिक समारोह में आरएसएस के स्कूलों को रोल मॉडल की तरह पेश किया गया।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सरकार सभी सुविधाएं देती है तब भी सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता का अभाव है। विद्या मंदिर के स्कूल शिक्षा के साथ संस्कार देकर देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यूनाइटेड नेशन में भी इस पर चर्चा हो रही है कि हजारों की संख्या में ये स्कूल कैसे चल रहे हैं। इसके लिए हजारों लोग प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहला पीरियड सूर्य नमस्कार का होता था। हर विद्यार्थी को सूर्य नमस्कार करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन में ठीक से व्यायाम करते हैं तो भविष्य में लाभ मिलता है।
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इससे पूर्व भाजपा विधान मंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने बच्चों के विकास में तीन चीजें मां-बाप के जीन, ग्रह-नक्षत्र एवं माहौल जिम्मेदार होते हैं। पहले दो को नहीं बदला जा सकता है। माहौल को जरूर बदला जा सकता है। विद्या मंदिर के स्कूलों में यह माहौल उपलब्ध है। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार मिलता है। आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश ने कहा कि इस बार के सिविल सर्विसेज के टॉपर छात्र विद्या भारती के हैं। उन्होंने कहा कि यूनेस्को में विद्या मंदिर के 21 में से 16 प्रस्ताव पारित हुए थे। 40 हजार से अधिक विद्यालयों को जनता के सहयोग से चलाया जा रहा है। विदेशों में भी स्कूल खुल रहे हैं।
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को कहा गया है कि दीक्षांत समारोह में गाउन एवं काली हैट के बजाय भारतीय परिवेश एवं रुचि के अनुसार परिधान बनाएं। कुछ लोग इसका यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि विश्वविद्यालयों का भारतीयकरण हो रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि भारतीयकरण हो रहा है तो इसमें खराबी क्या है? राज्यपाल मंगलवार को अतरौली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 11 छात्रों एवं 6 मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। कॉलेज में उन्होंने रामस्नेही पुस्तकालय एवं जगमोहन सभागार की शिला पट्टिका का अनावरण भी किया।
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राज्यपाल राम नाईक ने प्रदेश की उच्च शिक्षा की दयनीय स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यूपी के 25 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं। इसमें लाखों छात्र एवं शिक्षक हैं। कुछ विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जहां पिछले चार साल से दीक्षांत समारोह का आयोजन ही नहीं किया गया। उच्च शिक्षा को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज 24 विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह हो चुके हैं। परीक्षा समय से नहीं होती, उसे भी नियत समय पर कराने का प्रयास चल रहा है। राज्यपाल ने यह कहकर लोगों का दिल जीतने का प्रयास किया कि मुंबई को आर्थिक राजधानी बनाने में उत्तर भारतीय का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मुंबई में 25-30 प्रतिशत लोग उत्तर भारतीय हैं। यहां भी लोग मेहनत करें तो उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन जाएगा। अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने विद्या मंदिर की शिक्षा व्यवस्था की जमकर तारीफ की और कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा से ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
राज्यपाल राम नाईक ने एक शिक्षक की तरह छात्रों को दायित्व बोध कराया और स्वयं के 60 वर्ष की उम्र में कैंसर से पीड़ित होने का उदाहरण देकर यह समझाने का प्रयास किया कि इच्छाशक्ति हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के मौजूदा दौर में उन्होंने छात्रों को सफलता हासिल करने के लिए चार मंत्र ‘हमेशा मुस्कुराते रहो, कोई अच्छा काम करता है तो उसकी तारीफ करो, किसी की अवमानना न करो और हमेशा अच्छा से अच्छा करने का प्रयास करो’ दिये। इससे पूर्व भाजपा विधान मंडल दल के नेता डॉ. सुरेश खन्ना ने कहा कि विद्या मंदिर के स्कूलों में शिक्षा के साथ संस्कार भी मिलते हैं। यह स्कूल रोल मॉडल की तरह है। आरएसएस के ब्रज क्षेत्र के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश ने कहा कि भारत ही एक मात्र वह देश है जो विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है। कार्यकम की अध्यक्षता जगमोहन ने की। इससे पूर्व एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, शशि सिंह, रवेंद्र पाल सिंह एवं स्कूल प्रबंधन द्वारा राज्यपाल का स्वागत किया गया। इस दौरान मंडलायुक्त चंद्रकात, डीआईजी गोविंद अग्रवाल, डीएम राजमणि यादव और एसएसपी लव कुमार आदि सभी अधिकारी मौजूद रहे।