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अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ऐसे करती है ट्रंप की सुरक्षा, अहमदाबाद से आगरा तक 'बाज की नजर'

Thu, 20 Feb 2020 10:08 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सीक्रेट सर्विस से घिरे ट्रंप - फोटो : secret service
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दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स सुरक्षा तैयारियों को मुकम्मल करने के लिए अहमदाबाद, आगरा और दिल्ली में डेरा डाला हुआ है। 

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पीएम मोदी के साथ ट्रंप - फोटो : PTI
ट्रंप की यात्रा के लिए संभावित रास्ते पर सीक्रेट सर्विस के एजेंट बाज की नजर बनाए हुए हैं। ये एजेंट केवल जमीन ही नहीं, बल्कि हवा और पानी से आने वाले खतरों पर भी विशेष नजर बनाए हुए हैं।
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सीक्रेट सर्विस के सुरक्षा घेरे में ट्रंप - फोटो : secret service
हर वो जगह जहां से किसी भी तरह के आतंकी हमले की आशंका हो सकती है वहां ट्रंप की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा चुके हैं। अमेरिकी और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर ट्रंप की सुरक्षा के लिए जबरदस्त इंतजाम किया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति का काफिला - फोटो : secret service
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिका से सैकड़ों की संख्या में आए कमांडोज मौजूद रहेंगे। इस दस्ते में यूएस मरीन और यूएस रेंजर्स के जवान तैनात रहेंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप के साथ सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स - फोटो : secret service
यूएस सीक्रेट सर्विस के पास राष्ट्रपति के सुरक्षा की जिम्मेदारी
ट्रंप की सुरक्षा को पुख्ता बनाए रखने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और सीक्रेट सर्विस एजेंट्स हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के पास है। इसलिए, ट्रंप के सबसे पास सीक्रेट सर्विस के तेज तर्रार एजेंट्स तैनात होते हैं।
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सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स - फोटो : US secret service
रासायनिक, जैविक, परमाणु हमले से निपटने में होते हैं माहिर
ये एजेंट्स अपने काम में इतने माहिर होते हैं कि किसी भी तरह की परिस्थिति में रासायनिक, जैविक या फिर परमाणु हमले से निपट सकते हैं। काला चश्मा लगाए ये एजेंट राष्ट्रपति के आस-पास के लोगों के साथ हर एक गतिविधि पर बारीक नजर रखते हैं। किसी भी संभावित खतरे को भांपने के बाद एक्शन में आए ये एजेंट्स राष्ट्रपति को घटना स्थल से सुरक्षित निकाल लेते हैं। 
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Cadilac The Beast Convoy - फोटो : Social Media
सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स दुनिया की सबसे खतरनाक कमांडो होते हैं। ये केवल राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा ही संभालते हैं। अगर मौके पर कोई घटना होती है तो ये सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान तक लेकर जाते हैं। हमलावर को पकड़ने या मारने का काम दूसरी एजेेंसियों के जिम्मे होता है। 

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सीक्रेट सर्विस का कंट्रोल रूम - फोटो : US secret service
कंट्रोल रूम के संपर्क में रहते हैं सभी एजेंट्स
सीक्रेट सर्विस, सीआईए और अमेरिकी फौज ट्रंप के दौरे पर बारीक नजर बनाए हुए हैं। ये एक सुरक्षित नेटवर्क के जरिए कंट्रोल रूम के संपर्क में रहते हैं। 

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यूएस सीक्रेट सर्विस की काउंटर टेररिज्म टीम - फोटो : US secret service
किसी भी देश की सुरक्षा एजेंसी पर भरोसा नहीं करती सीक्रेट सर्विस
सीक्रेट सर्विस राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर किसी भी देश की सुरक्षा एजेंसी पर भरोसा नहीं करती है। इसलिए, हर एक जानकारी के लिए ये अपने आदमी को तैनात करते हैं।

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nsg commandos - फोटो : PTI
भारत की ये सुरक्षा एजेंसियां रहेंगी तैनात
ट्रंप की सुरक्षा में देश के बेहतरीन अफसरों के अलावा, एसपीजी और एनएसजी के कमांडो, अर्धसैनिक बल, क्विक रिएक्शन टीम, स्वाट, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते, सीबीआई, आईबी और खुफिया एजेंसी रॉ के एजेंट भी तैनात होंगे।

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अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरफोर्स वन - फोटो : Social Media
एयरफोर्स वन
अमेरिकी राष्ट्रपति जिस विमान में यात्रा करते हैं उसका नाम एयरफोर्स वन है। यह विमान दुनिया का सबसे सुरक्षित और तकनीकी रूप से बहुत उन्नत है। इस विमान को सुरक्षा प्रदान करने के लिए यूएस एयरफोर्स के दो फाइटर प्लेन आगे चलते हैं।

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एयर फोर्स वन - फोटो : Social Media
यह विमान इतनी एडवांस तकनीकों से लैस है कि कोई सामान्य रडार इसको ढूंढ नहीं पाएगा। अगर किसी रडार ने इसे ढूंढ भी लिया तो मिसाइल से निशाना बना पाना बहुत मुश्किल है।

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एयर फोर्स वन - फोटो : Social Media
अगर किसी दुश्मन ने एयरफोर्स वन पर मिसाइल फायर भी की तब इसमें लगा सिस्टम अलार्म बजाकर मिसाइल की जानकारी देता हैं। जिसके बाद हरकत में आए पायलट फ्लेम रिलीज कर मिसाइल को चकमा दे देते हैं।

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एयर फोर्स वन - फोटो : secret service
इस विमान को हवाई ओवल ऑफिस कहा जाता है। जिसमें राष्ट्रपति की सहूलियत का सारा सामान मौजूद होता है। हालांकि ट्रंप अपनी किसी भी विदेश यात्रा के दौरान अमेरिका की घरेलू राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक के मामलों पर नजर रखते हैं।

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मरीन वन - फोटो : secret service
मरीन वन
अमेरिकी राष्ट्रपति एयरफोर्स वन से उतरने के बाद अगर गन्तव्य की दूरी 10 किलोमीटर से ज्यादा है तो वह मरीन वन हेलीकॉप्टर में सवार होते हैं। मरीन वन के बेड़े में सिकोरस्की VH-3D सी किंग और VH-60N व्हाइट हॉक जैसे उम्दा हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं।

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मरीन वन - फोटो : secret service
इस हेलीकॉप्टर में भी हीट सीकिंग मिसाइलों को गच्चा देने की क्षमता मौजूद होती है। इसमें राष्ट्रपति के अलावा सीक्रेट सर्विस के चुने हुए कुछ सदस्य सवार होते हैं। 

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मरीन वन - फोटो : Social Media
मरीन वन के काफिले में एक जैसे दिखने वाले तीन हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। लेकिन, राष्ट्रपति किसमें बैठे हैं यह केवल चुनिंदा लोगों को ही पता होता है। 

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द बीस्ट कार - फोटो : Social Media
द बीस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सीक्रेट सर्विस के एजेंट हमेशा द बीस्ट पर ही भरोसा करते हैं। कैडिलेक लिमोजिन कार को 20 जनवरी 2009 को बराक ओबामा की प्रेसिडेंशियल कार का दर्जा दिया गया। इसके बाद इसका नाम बदलकर द बीस्ट रखा गया।

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Trump in The Beast - फोटो : Social Media
द बीस्ट का वजन लगभग आठ टन होता है। इसकी बॉडी स्टील, एल्यूमिनियम, टाइटेनियम और सेरामिक से बनी है और इसके दरवाजों का वजन बोइंग 747 विमान के केबिन डोर के बराबर है।

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Cadilac The Beast-1 - फोटो : Social Media
द बीस्ट की सतह इतनी मजबूत है कि नीचे बम भी फटे तो कार को कोई नुकसान नहीं होगा। इसके शीशे पांच इंच मोटे बुलेट प्रूफ मैटीरियल के बने होते हैं जिसे मशीनगन भी भेद नहीं सकती है।
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