स्कूल में ही शुरू कर दी थी गुंडागर्दी, पिता के नक्शेकदम पर चलने लगा
अतीक के बेटे असद ने स्कूल से ही गुंडागर्दी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक के पांचों बेटे प्रयागराज के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ते थे। कुछ साल पहले स्कूल में एक प्रतियोगिता हारने पर उसने न सिर्फ जीतने वाले सहपाठियों बल्कि बीच बचाव करने वाले अध्यापकों को भी पीट दिया था। अतीक के अन्य बेटे भी कम नहीं थे। कॉलेज में क्रिसमस मेले पर जब वे चलते थे तो पीछे सौ डेढ़ सौ लड़कों का हुजूम चलता था। किसी भी स्टाल पर मुफ्त में खा लेना। किसी भी झूले पर एक डेढ़ घंटे के लिए कब्जा कर लेना आम बात थी।
असद मारपीट करने में काफी कुख्यात था। उससे बड़ी उम्र के लड़के आपस के विवाद उसके सामने लेकर जाते तो वह मामलों को सुलझाता था। बड़ी-बड़ी महंगी गाड़ियों से असद स्कूल पहुंचता तो उसे लड़के घेर लेते। कुछ साल पहले स्कूल के स्पोर्ट्स डे पर रस्साकशी प्रतियोगिता में एक टीम को असद लीड कर रहा था।
उसकी टीम हार गई। वह हार से इतना बौखला गया कि जीतने वाली टीम के लड़कों को वह पीटने लगा। जब अध्यापकों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने अध्यापकों पर हाथ उठा दिया था। उस दिन स्कूल का मैदान अभिभावकों से भरा था। लोगों में काफी आक्रोश भी था लेकिन, अतीक का नाम सामने आने के बाद सब शांत हो गए थे। यहां तक स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी मामला दबाने की काफी कोशिश की। किसी ने भी थाने में शिकायत नहीं दर्ज कराई थी। उस समय सोशल मीडिया पर मामले को दबाने के लिए प्रधानाचार्य को काफी खरी खोटी सुनाई गई थी।