Waqf Board
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वक्फ बोर्डों ने बिना दस्तावेज सरकारी जमीनों पर दावा ठोका
केंद्र ने कहा, इस कानून के प्रावधानों को लागू करने की जरूरत इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि वक्फ बोर्डों ने सिर्फ अपने एकतरफा रिकॉर्ड पर भरोसा करते हुए बिना किसी दस्तावेज, सर्वेक्षण या फैसले के सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोगिताओं और संरक्षित स्मारकों पर स्वामित्व का दावा ठोक दिया। इन दावों में कई जगह कलेक्टरों के कार्यालय, सरकारी स्कूल, एएसआई-संरक्षित विरासत स्थल और राज्य या नगरपालिका अथॉरिटी में निहित संपत्तियां शामिल थीं। ऐसे कई उदाहरण हैं जो दिखाते हैं कि कैसे वक्फ बाय यूजर और वक्फ बोर्ड द्वारा किसी भी भूमि को वक्फ घोषित करने की शक्ति सरकारी संपत्तियों और निजी संपत्तियां कब्जाने का जरिया बनी हैं।