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भारतीय वायुसेना का दमखम: सुखोई एसयू-30 एमकेआई से लेकर राफेल की मारक क्षमता तक

Sat, 20 Jun 2020 05:43 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों की सूची - फोटो : AMAR UJALA
भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना मानी जाती है। भारतीय वायुसेना के पास 900 लड़ाकू एयरक्राफ्ट हैं जबकि कुल सक्रिय हवाई जहाजों की संख्या 1,720 है। फाइटर एयरक्राफ्ट की बात की जाए तो भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल सात फाइटर एयरक्राफ्ट हैं जिसमें सुखोई एसयु-30 एमकेआई, तेजस, मिराज 2000, मिग-29, मिग-21 और जेगुवार शामिल हैं।


हालांकि पहला राफेल बहुत जल्द ही देश की धरती पर उतरेगा। स्वदेशी निर्मित लड़ाकू विमान तेजस से वायुसेना को काफी उम्मीदें हैं। आइए एक बार नजर डालते हैं कि भारतीय वायुसेना के पास जितने फाइटर एयरक्राफ्ट हैं उनकी क्षमताएं और विशेषताएं क्या हैं...
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Sukhoi SU-30
सुखोई एसयु-30 एमकेआई
रूसी सुखोई एसयु-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना में सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट माना जाता है। भारतीय वायुसेना के पास 272 सक्रिय सुखोई एसयु-30 एमकेआई हैं, इस एयरक्राफ्ट में दो इंजन हैं और दो चालको के बैठने की जगह है। इनमें से कुछ एयरक्राफ्ट को सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस को लॉन्च करने के लिए भी अपग्रेड किया गया है।

सुखोई विमान 3,000 किलोमीटर तक हमला कर सकता है। जबकि इसकी क्रूज रेंज 3,200 किलोमीटर तक है और कॉम्बेट रेडियस 1,500 किलोमीटर है। वजन में भारी होने के बावजूद यह लड़ाकू विमान अपनी तेज़ गति के लिये जाना जाता है। यह विमान आकाश में 2,100 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से फर्राटा भर सकता है।
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Brahmos NG on Tejas - फोटो : Social Media

तेजस
साल 2016 में एलसीए तेजस भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ। तेजस को पहले मिग-21 बाइसन की जगह लेने के उद्देश्य से बनाया गया था। भारतीय वायुसेना में अभी 20 तेजस सक्रिय हैं, जबकि 40 तेजस एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया जा चुका है। तेजस का वजन 12 टन है और इसकी लंबाई 13.2 मीटर है।

तेजस की ताकत एयर टू एयर मिसाइल, लेजर गाइडेड मिसाइल और मेक इन इंडिया अस्त्र मिसाइल है। तेजस मल्टीरोल विमान है और इसकी संरचना एक वीडियो गेम की तरह है, इसलिए इसे उड़ाना आसान है। 

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मिराज 2000 विमान
मिराज 2000 
मिराज 2000 विमान की सहायता से ही 26 फरवरी 2019 को भारत ने पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को बम से उड़ाया था। भारतीय वायुसेना में अभी 57 मिराज 2000 जेट शामिल हैं। मिराज 2000 मल्टीरोल, सिंगल इंजर और सिंगल सीटर वाला जेट है, इसकी रफ्तार 2,495 किलोमीटर प्रति घंटा है। 

इस लड़ाकू विमान की सबसे खास बात है कि यह किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है। यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर घुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। ये वो मिसाइल है जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। इसके साथ ही यह अपने साथ एयर टू सर्फेस मिसाइल भी संभाल सकती है। 

 
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MiG 29 - फोटो : AMAR UJALA
मिग 29
मिग-29 लड़ाकू विमान में दो इंजन और एकल सीट है। इस फाइटर जेट की रफ्तार 2,445 किलोमीटर प्रति घंटा है। भारतीय वायुसेना में अभी 69 सक्रिय मिग-29 जेट प्लेन हैं। मिग-29 की सहायता से हवा से हवा, हवा से सतह और एंटी शिपिंग ऑपरेशन में आसानी होगी और यह ग्लास कॉकपिट, डिजिटल स्क्रीन जैसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस भी है।

कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना को धूल चटाने में इस फाइटर प्लेन ने काफी मदद की थी। मिग-29 विमान को अपग्रेड कर दिया गया है, जिसके बाद इसकी रफ्तार और तेज हो गई है। 
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मिग 21 - फोटो : Social Media
मिग 21 विमान
मिग-21 विमान का पहले संस्करण साल 1964 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ था। इस विमान में एकल सीट और एक ही इंजन है। मिग-21 की मदद से पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया गया था। इसकी रफ्तार 2,230 किलोमीटर प्रति घंटा है।यह सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है जिसकी लंबाई 15.76 मीटर और चौड़ाई में 5.15 मीटर है।

बिना हथियारों के ये करीब 5200 किलोग्राम को होता है जबकि असलहा लोड होने के बाद करीब 8,000 किलोग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भर सकता है। ये आसमान से आसमान में मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ और बम ले जा सकने में सक्षम है। 

1965 और 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में मिग-21 विमानों का इस्तेमाल हुआ था. 1971 में भारतीय मिग ने चेंगड़ु एफ़ विमान (ये भी मिग का ही एक और वेरियंट था जिसे चीन ने बनाया था) को गिराया था। 

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sepecat-jaguar
जगुआर
एसईपीईसीएटी (SEPECAT) जगुआर एक सुपरसोनिक कम ऊंचाई पर उड़ने वाला लड़ाकू विमान है। इसके हाई-विंग लोडिंग डिजाइन की वजह से कम-ऊंचाई पर एक स्थिर उड़ान और जंगी हथियारों को ले जाने में सहूलियत होती है। विमान के कंधों पर स्थित पंखों से इसे शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है और जमीन पर हमला करने की विमान की खासियत के मुताबिक है।

एक खाली जगुआर विमान का वजन 7700 किलोग्राम है। यह विमान 1,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इसकी क्षमता 30 एमएम के दो एडीईएन या डीईएफए गोले हैं। इसके अतिरिक्त साढ़े चार हजार किलोग्राम वजन तक के हवा से हवा में हमला करने वाले और हवा से जमीन पर हमला करने वाले रॉकेट समेत कई तरह के हथियार इसमें लोड हो सकते हैं। 
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Rafale Fighter Jet India - फोटो : फाइल (सांकेतिक)
राफेल विमान
राफेल विमान देश में आने से पहले काफी विवादों में रहा। लेकिन भारत सरकार ने सभी आरोपों को नकराते हुए इसे देश की वायुसेना के लिए बेहतर करार दिया। राफेल की अधिकतम रफ्तार 2,130 किमी/घंटा और 3700 किमी. तक इसकी मारक क्षमता है। राफेल 60 घंटे तक उड़ सकता है।  

यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। ये हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता है। यह एक मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस है।

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