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2025 में कितनी बदलेगी तकनीक?: 6जी से दौड़ेगा इंटरनेट, एआई से आसान होंगे काम; सेहत की दुनिया भी बदलेगी

Wed, 01 Jan 2025 01:06 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिकी आईटी फर्म गार्टनर ने 2025 के लिए टॉप टेक्नोलॉजी ट्रेंड की सूची जारी की है। इसमें एजेंटिक एआई से लेकर न्यूरोलॉजिकल इनोवेशन तक को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नए वर्ष में किस तरह से यह उभरती टेक्नोलॉजी हमारे अनुभव को पूरी तरह बदलने जा रही है।
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तकनीक की दुनिया - फोटो : Amar Ujala
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साल 2024 खत्म होने वाला है और हम 2025 में प्रवेश कर रहे हैं। 2024 में तकनीक ने हमारी जिंदगी में खूब दखल दिया और इसने हमारे कामों को आसान किया। जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का हर अहम क्षेत्र में प्रवेश हुआ तो वहीं 5G से इंटरनेट स्पीड बढ़ी। नवाचार की रफ्तार 2025 में भी बढ़ने की उम्मीद है। विज्ञान और चिकित्सा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, यह साल परिवर्तनकारी होने की उम्मीद है। आइये जानते हैं कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में 2025 में क्या-क्या होगा?

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AI Tool - फोटो : Freepik
एआई कितना आसान करेगा हमारी जिंदगी?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने पहले ही तमाम क्षेत्रों में क्रांति ला दी है, लेकिन 2025 वह वर्ष बनने जा रहा है जब एआई रचनात्मकता और समस्या-समाधान में एक साथी बन जाएगा। एआई से चलने वाले उपकरणों से वैज्ञानिक शोध, डेटा का विश्लेषण करने और यहां तक कि इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में कठिन कार्यों को खुद करने में मदद मिलने की उम्मीद है। एआई में प्रगति के साथ ये प्रणालियां अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और सुलभ हो सकती हैं।
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5G से 100 गुना तेज होगी 6G की स्पीड - फोटो : अमर उजाला
6G के साथ और तेज कनेक्टिविटी
अभी वैश्विक स्तर पर 5G चल रहा है लेकिन वैज्ञानिक पहले से ही 6G तकनीक के लिए रास्ता तैयार कर रहे हैं। 5G की तुलना में 5G 100 गुना अधिक स्पीड का दावा करती है। 2025 तक हम इसकी क्षमताओं के प्रदर्शन देख सकते हैं।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - फोटो : Amar Ujala
कंप्यूटिंग शक्ति में इजाफे से कई मुसीबतों का निपटारा
संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की है कि 2025 क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष होगा। 2024 में क्वांटम कंप्यूटिंग के कई महत्वपूर्ण उपयोग दुनिया के सामने आए जिनमें दवा की खोज और वित्त और रसद से जुड़ी समस्याओं को हल करना शामिल है। क्वांटम कंप्यूटिंग से पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कुछ कम्प्यूटेशनल कार्यों को करोड़ों गुना अधिक तेजी से पूरा किया जा सकता है।

क्लाउड-आधारित क्वांटम कंप्यूटिंग में नए विकास के कारण यह तकनीक और भी अधिक व्यवसायों और संगठनों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। 2025 वह साल हो सकता है जब हमारे जीवन पर क्वांटम कंप्यूटिंग का प्रभाव बहुत अधिक हो जाएगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह निकट भविष्य में जलवायु मॉडलिंग, भौतिक खोज, जीनोमिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और एन्क्रिप्शन सहित कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इसका एआई के विकास पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। 
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नए साल के लिए हेल्थ रेजोल्यूशन - फोटो : amarujala.com
स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी बदलाव
जीनोमिक तकनीक और डेटा-संचालित स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी विकास होने की उम्मीद है। 2025 में हम कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए बनाए गए टीकों में सफलता की उम्मीद है। वियरेबल  हेल्थ टेक्नोलॉजी और एआई पुरानी बीमारियों को पता लगाने में भी अहम भूमिका निभाएंगे, जो रियल-टाइम पर सेहत की जानकारी देंगे।
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मिशन मून 2025 - फोटो : Amar Ujala
वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा की सुलभता 
अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में 2025 काफी निर्णायक साबित हो सकता है क्योंकि वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्रा अधिक सुलभ हो जाएगी। स्पेसएक्स, ब्लू ओरिजिन जैसी कंपनियां और अधिक उप-कक्षीय उड़ानें भेजने के साथ और चंद्रमा पर पर्यटन की सौगात दे सकती हैं। यात्रा से परे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में विकास मंगल ग्रह के आगे के शोध को बढ़ावा दे सकता है।
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एआई - फोटो : अमर उजाला
मेटावर्स और इमर्सिव तकनीक का उदय
2025 में शिक्षा, सहयोग और मनोरंजन के लिए एक स्थान के रूप में मेटावर्स की क्षमता में विकास हो सकता है। वर्चुअल और ऑग्मेंटेड रियलिटी में विकास अधिक इंटरैक्टिव अनुभवों की अनुमति देगी, चाहे वर्चुअल संगीत समारोहों में भाग लेना हो या ऐतिहासिक स्थलों की खोज करना हो।

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Electric Vehicles - फोटो : Freepik
स्वच्छ परिवहन में सफलता की उम्मीद
2025 में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में उछाल आएगा, जिसके पीछे सॉलिड-स्टेट बैटरी जैसे नवाचार हैं जो लंबी दूरी और तेज चार्जिंग मुहैया कराते हैं। कभी विज्ञान की कल्पना मात्र रहे ऑटोनामस वाहन अब वास्तविकता के करीब हैं। उम्मीद है कि इनका परीक्षण शहरी क्षेत्रों में भी किया जाएगा। 

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एआई - फोटो : अमर उजाला
जल की कमी का समाधान
दुनिया भर में पानी की कमी से अरबों लोग प्रभावित हैं, ऐसे में 2025 में अलवणीकरण और जल शोधन तकनीकों में सफलता के जरिए आशा की किरण जग सकती है। कृषि और शहरी नियोजन में कुशल जल प्रबंधन के लिए AI-संचालित तकनीकियां इस बढ़ते संकट को दूर करने में बदलाव ला सकती हैं।
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