झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब बीस किलोमीटर दूर स्थित हैं धनूरी और नूआं गांव, इन गावों में कई परिवार ऐसे हैं, जिनमें पिछली पांच पीढ़ियों से फौज में भर्ती होने की परंपरा भी हैं और जूनून भी। यह मुस्लिम बाहुल्य गांव है और इस गांव की मिट्टी को लोग सिर- माथे पर लगाते हैं। धनूरी में धर्म, मजहब जात-पात सबसे ऊपर हैं अपना मुल्क " हिन्दुस्तान "।
एक नजर: धनूरी की शहादत पर
- धनूरी में अब तक 445 लोग शहादत पा चुके हैं।
- इस गांव से 40000 से ज्यादा सैनिक सेना में शामिल हैं।
- इस गांव में शहीद हुए ज्यादातर सैनिक मुसलमान हैं, और देश के लिए मर मिटने की कसमें लेते हैं।