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प्रधानमंत्रियों का संग्रहालय: चंद्रशेखर के बेटे ने कहा- पीएम मोदी सच्चे स्टेट्समैन, जानें पूरा मामला

Thu, 14 Apr 2022 10:11 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि प्रधानमंत्री का मतलब केवल एक ही परिवार से होना था। कुछ साल पहले पीएम मोदी ने उनके पिता पर लिखी किताब का विमोचन किया था और आज वह और उनके परिजन प्रधानमंत्री संग्रहालय गए तो हम काफी भावुक और गौरवान्वित हुए। कम से कम कुछ नेता है जो पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बड़ा सोचते हैं। 
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PM Modi - फोटो : Amar Ujala
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और भाजपा सांसद नीरज शेखर ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और उन्हें एक सच्चा स्टेट्समैन करार दिया। उन्होंने यह बात पीएम मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के संग्रहालय का उद्घाटन करने पर कही। 

नीरज ने अपने पिता और मोदी के दशकों पुराने संबंधों का भी जिक्र किया और ट्विटर पर कई तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि देश में कई सरकारें आईं और गईं, यहां तक उनके पिता के साथ करीब से काम करने वालों ने भी देश के प्रति उनके योगदान को दर्शाने के लिए अथक प्रयास नहीं किए।

नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि प्रधानमंत्री का मतलब केवल एक ही परिवार से होना था। कुछ साल पहले पीएम मोदी ने उनके पिता पर लिखी किताब का विमोचन किया था और आज वह और उनके परिजन प्रधानमंत्री संग्रहालय गए तो हम काफी भावुक और गौरवान्वित हुए। कम से कम कुछ नेता है जो पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बड़ा सोचते हैं। 
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PM Modi - फोटो : Amar Ujala
नीरज शेखर ने 2019 में सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। पूर्व पीएम चंद्रशेखर का 2007 में निधन हो गया था। इसके बाद नीरज ने राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने ट्वीट किया कि मोदी और चंद्रशेखर अलग-अलग पीढ़ी और पार्टियों से आते थे लेकिन दोनों के बीच करीबी संबंध थे। यही लोकतंत्र है। उनके पिता कई सालों से पीएम मोदी को जानते थे और हमेशा उनके विकास कार्यों की सराहना करते रहते थे। 
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PM Modi - फोटो : Amar ujala
उन्होंने लिखा कि जब मोदी राजनीति सीख रहे थे, उस समय आपातकाल के बाद वह पहली बार उनके पिता से मिले थे। उन्हें गुजरात में पिता चंद्रशेखर के साथ एक काम सौंपा गया था। भाजपा सांसद ने लिखा कि वर्ष 2000 के मध्य उनके पिता का स्वास्थ्य खराब था और वह राजनीति से बाहर हो चुके थे, उन्होंने सीएम मोदी से मिलने की इच्छा जाहिर की। इस पर तुरंत जवाब देते हुए सीएम मोदी ने कहा कि वह उनके पिता से दिल्ली में जल्द मिलेंगे। जब वह दिल्ली आए तो उनसे मुलाकात की। जब दोनों की मुलाकात हुई तो दोनों नेताओं ने आपातकाल के खिलाफ चलाए गए आंदोलन पर चर्चा की और 1980 और 1990 में भारतीय राजनीति की दिशा पर बात की।

 
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