आचार्य महाश्रमण को नमन करते पीएम मोदी।
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पीएम मोदी ने अहिंसा यात्रा पूरी होने पर सभी योगी और आचार्यों को बधाई दी। पीएम ने बताया कि आचार्य महाश्रमण जी ने सात वर्षों में 18,000 किमी. की पदयात्रा की है, जिसमें उन्होंने शांति का पाठ पढ़ाया है। पीएम ने कहा कि आचार्य ने दुनिया के कई देशों में यात्रा कर अहिंसा की बात कही है। उन्होंने बताया है कि जहां अहिंसा वहीं एकता होती है और जहां एकता होती है वहीं श्रेष्ठता आती है।
पीएम मोदी ने कहा कि "मेरा मानना है कि आचार्य ने देश के कोने-कोने में लोगों में नए भारत की इस नई यात्रा की ऊर्जा को महसूस किया होगा। मैं उनसे आग्रह करता हूं कि भारत को बदलने के लिए इस अनुभव को नागरिकों के साथ जितना साझा करेंगे, यह उन्हें उतना ही प्रेरित करेगा।" उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने अपनी पदयात्रा के दौरान सद्भावना, नैतिकता और पुनर्वास को एक संकल्प के रूप में समाज के सामने पेश किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि "मुझे बताया गया है कि आचार्य की पदयात्रा के दौरान लाखों लोग पुनर्वास जैसे संकल्प में शामिल हुए हैं। यह अपने आप में एक बड़ा अभियान है। आज हमारी आध्यात्मिक शक्तियां, हमारे आचार्य और संत भारत के भविष्य को दिशा दे रहे हैं।"