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तस्वीरें: हंगामे की भेंट चढ़ गए संसद के 250 घंटे, वैंकेया नायडु बोले- हम लूजर हैं

Fri, 06 Apr 2018 07:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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5 मार्च 2018 को शुरू हुआ संसद का बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसे बीते एक दशक में संसद का सबसे खराब सत्र माना जा रहा है। इस दौरान पांच दर्जन से ज्यादा बिल संसद में पेश ही नहीं हो सके।
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विपक्ष अपने ही हंगामे के कारण अपना ही अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं कर पाया। इस दौरान सरकार की सहयोगी पार्टियां तेदेपा और अन्नाद्रमुक भी विपक्ष के साथ खड़ी नजर आईं। विपक्ष का ज्यादातर समय चर्चा के बजाय नारेबाजी और वेल में बीता। 
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इस दौरान लोकसभा में 127 घंटे से ज्यादा कामकाज नहीं हुआ। राज्यसभा के करीब 121 घंटे बर्बाद कर दिए गए। बता दें कि हर घंटे संसद की कार्यवाही पर 1.5 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। बात करें लोकसभा की तो यहां 29 बैठकों में कुल 34 घंटे 5 मिनट ही कार्यवाही चली। जबकि राज्यसभा में 30 बैठकों के जरिये कुल 44 घंटे ही कामकाज हो सका।

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उल्लेखनीय है कि लोकसभा में 28 बिल पेश किए जाने थे। वहीं राज्यसभा में 39 बिल पर चर्चा होनी थी। हालांकि ऐसा नहीं सदन का काम बिल्कुल ठप रहा। लोकसभा में वित्त विधेयक सहित पांच बिल भी पारित हुए हैं।

 
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वहीं राज्यसभा में सिर्फ एक बिल ही पारित किया जा सका। इस दौरान अन्य पांच विधेयक भी लोकसभा में पेश किए गए। विपक्ष अपने ही हंगामे के कारण अपना ही अविश्वास प्रस्ताव पेश नहीं कर पाया। अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में पेश नहीं हो सका। 
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संसद सत्र को अगर दशक का सबसे खराब सत्र कहा जा रहा है तो इसके पीछे वजहें भी बड़ी ही होंगी। सबसे पहली वजह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने पर टीडीपी सांसदों की नाराजगी रही। वहीं 13,000 करोड़ रुपये का पीएनबी कर्ज घोटाला के मुद्दा ने भी सत्र की भेंट चढ़ गया।

 
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कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड की मांग, देश के अलग-अलग हिस्सों में मूर्तियों की तोड़फोड़ एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसल और उत्तर प्रदेश के कासगंज में कानून व्यवस्था भी मुख्य कारण थे।

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लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि 'लोकसभा जनता के हित और कल्याण से जुड़े मुद्दों को उठाने का मंच है। सांसदों को देश के हितों को हमेशा दिमाग में रखना चाहिए। आज भी अगर आप मानने को तैयार नहीं हैं तो मैं लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर रही हूं।'
 

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राज्यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडु ने कहा कि 'राज्यसभा में प्रदर्शन करने वाले सदस्य सदन को विकास की राह का रोड़ा ना बनाएं। मुझे तकलीफ है कि सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारियों का नहीं निभाया। साथ ही मिले हुए मौके को गंवा दिया। देश के लोगों की चिंता है हम उनके सामने लूजर हैं।'
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दोनों सदनों में पूछे गए प्रशनों का यह रहा हिसाब
राज्यसभा में रखे गए तारांकित प्रश्न - 19
केंद्र के मंत्रियों की ओर से मिले जवाब - 5 
लोकसभा में रखे गए तारांकित सवाल - 580
निचले सदन में रखे 6670 गैर-तारांकित सवाल
मंत्रियों की ओर से मिले जवाब - 17 
 
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