विपक्षी का प्रदर्शन
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'राहुल गांधी ने कुछ गंभीर सवाल उठाए'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मेरे लिए यह मुद्दा बहुत सीधा है। राहुल गांधी ने कुछ गंभीर सवाल उठाए हैं। ये गंभीर जवाबों के हकदार हैं। चुनाव आयोग की न केवल देश के प्रति, बल्कि अपनी ओर से भी जिम्मेदारी है कि जनता के मन में हमारे चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर कोई संदेह न रहे। चुनाव पूरे देश के लिए मायने रखते हैं। हमारा लोकतंत्र इतना अनमोल है कि इसे इस संदेह से खतरे में नहीं डाला जा सकता कि कहीं डुप्लीकेट वोटिंग तो नहीं, कहीं कई पते तो नहीं, या कहीं फर्जी वोट तो नहीं। अगर लोगों के मन में कोई संदेह है, तो उसका समाधान किया जाना चाहिए। इन सवालों के जवाब उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन ये जवाब विश्वसनीय होने चाहिए। मेरा बस यही अनुरोध है कि चुनाव आयोग इन सवालों को लेकर उनका समाधान करे।'
थरूर ने कहा कि जब तक लोगों के मन में चुनावों की निष्पक्षता को लेकर संदेह है, तब तक यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा है। जब तक ये संदेह दूर हो जाते हैं, तब तक चुनाव आयोग की विश्वसनीयता फिर से हासिल की जा सकती है। चुनाव आयोग का अपना हित इन सवालों का जवाब देने में ही असली रास्ता है।
'चुनाव आयोग', जो अब 'चुराओ आयोग' बन गया: जयराम
चुनाव आयोग तक विपक्ष के मार्च पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, 'चुनाव आयोग को लिखा मेरा पत्र सीधा था। मैंने साफ-साफ लिखा था कि सभी विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे। सभी सांसद चुनाव आयोग को एसआईआर के बारे में एक दस्तावेज देना चाहते हैं। यही हमारी मांग थी। मैंने कल शाम यह पत्र लिखा था और 'चुनाव आयोग', जो अब 'चुराओ आयोग' बन गया है, ने मुझे कोई जवाब नहीं दिया। और अब वे कह रहे हैं कि सिर्फ 30 सांसद ही आ सकते हैं। हम चाहते थे कि सभी विपक्षी सांसद सामूहिक रूप से चुनाव आयोग को एक दस्तावेज दें। हमें यहीं रोक दिया गया है। हमें चुनाव आयोग नहीं जाने दिया जा रहा है।'