फेक न्यूज से रहें सावधान
- फोटो : Amar Ujala
- वायरल तस्वीर के साथ यह दावा किया जा रहा है कि नर्स को आदेश अब्दुल हफीज खान ने दिए थे।
- जबकि अब्दुल हफीज ने इसको गलत बताया और जब यह तस्वीर ली गई तब वह रायलसीमा यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटीन सेंटर के इंस्पेक्शन पर गए हुए थे
- उसी समय इस व्यक्ति को चोट लग गई थी, यह नर्स इस घायल व्यक्ति का इलाज कर रही थी।
- अब्दुल हफीज ने कुरनूल के वन टाउन पुलिस थाने में एफआईआर भी लिखवाई है।
इस बात की अधिक पुष्टि करने के लिए हमने गूगल प्लेटफार्म पर इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सर्च किया। हमारे हाथ उस नर्स का एक वीडियो हाथ लगा जिसमें उसने इसकी सच्चाई बताई और इस दावे को गलत साबित किया।
नर्स ने इस फेक पोस्ट पर एक वीडियो भी बनाया और शेयर किया, जिसे अब्दुल हफीज खान ने अपने पेज पर अपलोड भी किया है।
पड़ताल का परिणाम-
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा बिलकुल गलत है। असलियत में यह नर्स किसी इमाम के पैर नहीं धो रही थी, बल्कि पैर में चोट लगे व्यक्ति की जांच कर रही थी। कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search