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Fact Check: क्या सच में इस विधायक ने नर्स से धुलवाए इमाम के पैर? जानिए वायरल फोटो की सच्चाई

सार

जानिए सच, नर्स से धुलवाए इमाम के पैर
चोटिल व्यक्ति के इलाज की है तस्वीर
बिना जांच पड़ताल के ना करें शेयर
फेक न्यूज से रहें सावधान
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Fact Check Viral Post - फोटो : Amar Ujala
कोरोना महामारी के साथ फेक न्यूज भी एक बड़ी चुनौती है। जिससे सतर्क रहना बहुत जरूरी है। आजकल सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक महिला, एक व्यक्ति के पैर पर हाथ लगाए हुए है। इस तस्वीर के साथ यह दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्ति एक इमाम है और इनके साथ जो खड़े हुए हैं वो आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस के कुरनूल जिले के विधायक अब्दुल हफीज खान हैं और यह भी दावा किया जा रहा है कि विधायक ने इस नर्स को इस इमाम के पैर धोने को कहा था। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा फर्जी है।
 
दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल तस्वीर
क्या किया जा रहा है दावा- यह व्यक्ति एक इमाम है और इनके साथ जो खड़े हुए हैं वो आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस के  कुरनूल जिले के विधायक अब्दुल हफीज खान हैं और यह भी दवा किया जा रहा है कि विधायक ने इस नर्स को इस इमाम के पैर धोने को कहा था।
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पड़ताल के चरण

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फेक न्यूज से रहें सावधान - फोटो : Amar Ujala
क्या हो रहा है वायरल?
  • वायरल तस्वीर में एक नर्स दिखाई दे रही है जो एक व्यक्ति के पैर पर हाथ लगा रही है।
  • जिस व्यक्ति के पैर पर नर्स ने हाथ लगाया हुआ है, उसके पास अन्य लोग भी खड़े हुए हैं।
  • सोशल मीडिया पर इस तस्वीर के साथ इस दावे को वायरल किया जा रहा है कि (अनुवाद किया हुआ हिस्सा) - “कुरनूल विधायक अब्दुल हफीज खान के सामने इस नर्स को एक इमाम के पैर क्यों धोने पड़े। नर्स ने ऐसा क्या किया जो इतना गलत था? अगर वह गलती करता है, तो उसे कौन सजा देगा? केंद्र के नए अध्यादेश के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं?”


सबसे पहले इस फोटो का स्क्रीनशॉट लिया और उसे गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया।
सर्च के दौरान हमारे हाथ कुरनूल पुलिस का फेसबुक पेज लगा जिसमें एक पोस्ट मिली, जिसमें इसी तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा गया था, “यह व्यक्ति मधुमेह रोगी है और उसकी आंखें भी मधुमेह के कारण काफी खराब हो गयी हैं। इस व्यक्ति के पैर पर दरवाजे से चोट लग गयी थी। यह नर्स इस चोटिल व्यक्ति की चोट की जांच कर रही थी। चूंकि, रक्त रुक नहीं रहा था और वह बुरी तरह से घायल हो गया था। इसे देखते हुए उस घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस से जीजीएच केएनएल में स्थानांतरित किया गया था, ताकि सही इलाज हो सके। नर्स अपना काम कर रही थी और मरीज का खून रोकने के लिए इलाज कर रही थी।”
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चोटिल व्यक्ति के इलाज की है तस्वीर

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फेक न्यूज से रहें सावधान - फोटो : Amar Ujala
  • वायरल तस्वीर के साथ यह दावा किया जा रहा है कि नर्स को आदेश अब्दुल हफीज खान ने दिए थे।
  • जबकि अब्दुल हफीज ने इसको गलत बताया और जब यह तस्वीर ली गई तब वह रायलसीमा यूनिवर्सिटी में बने क्वारंटीन सेंटर के इंस्पेक्शन पर गए हुए थे
  • उसी समय इस व्यक्ति को चोट लग गई थी, यह नर्स इस घायल व्यक्ति का इलाज कर रही थी।
  • अब्दुल हफीज ने  कुरनूल के वन टाउन पुलिस थाने में एफआईआर भी लिखवाई है।


इस बात की अधिक पुष्टि करने के लिए हमने गूगल प्लेटफार्म पर इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सर्च किया। हमारे हाथ उस नर्स का एक वीडियो हाथ लगा जिसमें उसने इसकी सच्चाई बताई और इस दावे को गलत साबित किया।
नर्स ने इस फेक पोस्ट पर एक वीडियो भी बनाया और शेयर किया, जिसे अब्दुल हफीज खान ने अपने पेज पर अपलोड भी किया है।


पड़ताल का परिणाम-

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा बिलकुल गलत है। असलियत में यह नर्स किसी इमाम के पैर नहीं धो रही थी, बल्कि पैर में चोट लगे व्यक्ति की जांच कर रही थी। कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।

कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।

*Fact Check By Google Certified Fact Checker.

Apply Tools-
-Google Reverse Image Search
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