ब्रिटेन और भारत के बीच 1992 में प्रत्यर्पण संधि हुई थी, लेकिन पहले आरोपी को भारत लाने में 24 साल लग गए। मर्डर के आरोपी समीरभाई वीनूभाई पटेल को 19 अक्टूबर 2016 को प्रत्यर्पण कर लाया गया था। वहीं दूसरे आरोपी संजीव कुमार चावला को साल भर पहले फरवरी 2020 में ब्रिटेन से भारत लाया गया। बुकी संजीव को मैच फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। यानी ब्रिटेन से 28 साल में सिर्फ दो आरोपियों को लाने में ही कामयाबी मिली है।
इन प्रमुख देशों के साथ है प्रत्यर्पण संधि
अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अजरबैजान, बहरीन, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, बुल्गारिया, कनाडा, चिली, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, इंडोनेशिया, ईरान, इस्रायल, कुवैत, लिथुआनिया, मलयेशिया, मॉरीशस, मैक्सिको, मंगोलिया, नेपाल, नीदरलैंड्स, ओमान, फिलीपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, थाइलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, यूएई, ब्रिटेन, यूक्रेन, अमेरिका, उज्बेकिस्तान और वियतनाम।