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New Year 2025: क्या खेलते रहेंगे रोहित-कोहली, दिल्ली-बिहार में किसकी बनेगी सरकार? मिलेंगे इन 10 सवालों के जवाब

Wed, 01 Jan 2025 07:54 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Happy New Year 2025: नए साल ने दस्तक दे दी है। लोगों को 2025 से कई उम्मीदें हैं। लोगों के जहन में राजनीति, खेल और सरकार से लेकर कई सामाजिक मुद्दों से जुड़े सवाल होंगे, जिनके जवाब उन्हें आने वाले दिनों में मिल सकते हैं। आइए पढ़ते हैं…   
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2025 में मिलेंगे कई अहम सवालों के जवाब - फोटो : Amar Ujala
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साल 2024 कई मायनों में उठापटक वाला साल रहा। सियासी मैदान से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और हादसों तक पूरे साल कुछ न कुछ ऐसा होता रहा, जिसे लोग भौचक्के रह गए। लोकसभा चुनावों में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत हो या फिर हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार, लोगों के सिर पर सियासी मुकाबले का रोमांच सिर चढ़कर बोला। संसद में भी यह साल हंगामेदार रहा। सरकार ‘एक–देश, एक चुनाव’ और वक्फ बोर्ड विधेयक लेकर आई। हालांकि, इसे चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया।

खेल जगत को देखें तो यह साल शानदार रहा। क्रिकेट में भारत ने टी20 विश्वकप जीता तो शतरंज ओलंपियाड में भारत की पुरुष और महिला टीम ने पहली बार एकसाथ स्वर्ण पदक जीते। अब लोगों को नए साल यानी 2025 से कई उम्मीदें हैं। लोगों के जहन में राजनीति, खेल और सरकार से लेकर कई सामाजिक मुद्दों से जुड़े सवाल होंगे, जिनके जवाब उन्हें आने वाले दिनों में मिल सकते हैं। आइए पढ़ते हैं…   

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रोहित शर्मा और विराट कोहली - फोटो : Amar Ujala
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अब तक के चार मैचों में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली का बल्ला नहीं चला, जिससे इन दोनों स्टार बल्लेबाजों के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की खबरों ने रफ्तार पकड़ ली है। सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने रोहित और कोहली के निशाजनक प्रदर्शन के बाद उनसे टेस्ट प्रारूप छोड़ने की अपील की है। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में शतक के साथ की थी। पर्थ टेस्ट में शतक के बावजूद कोहली के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है और उन्होंने सीरीज में अब तक 5, नाबाद 100, 7, 11, 3, 36 और 5 रन की पारियां खेली हैं। वहीं, रोहित ने पांच पारियों में सिर्फ 6.20 के औसत से 31 रन बनाए हैं और इस दौरान उन्होंने 3, 6, 10, 3 और 9 रन बनाए जो ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी विदेशी कप्तान का सबसे कम औसत है। ऐसे अब नए साल में ही इन दोनों दिग्गज क्रिकेटर्स के भविष्य का फैसला होगा।
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बिहार-दिल्ली विधानसभा चुनाव - फोटो : Amar Ujala

इस साल दो अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। सबसे पहले दिल्ली में चुनावी बिगुल बजेगा। यहां अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सत्ता में है। पिछले कई साल से पार्टी ने यहां अपना दबदबा बना रखा है। भाजपा औ कांग्रेस यहां ‘आप’ को टक्कर देने की कोशिश करेंगे। इसके आएगा बिहार का सत्ता का संग्राम। यहां भाजपा–जदयू की गठबंधन की सरकार है। नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री है। पिछला रिकॉर्ड देखें तो नीतीश कुमार को लेकर कोई भी पहले से कुछ भी नहीं कह सकता। ऐसे में यहां विधानसभा चुनाव के दौरान रोमांचक लड़ाई देखने को मिल सकती है। नया साल हमें जिन दो सवालों के जवाब देगा, उनमें पहला कि क्या दिल्ली की जनता एक बार फिर केजरीवाल पर भरोसा जताएगी और दूसरा कि क्या बिहार में नीतीश कुमार की सत्ता बरकरार रहेगी या फिर महागठबंधन फिर खेला करने में कामयाब हो पाएगा?

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एक देश एक चुनाव - फोटो : Amar Ujala
'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था। सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे बड़े विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया। इसके बाद इसे चर्चा और समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। समिति को आगामी बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले 2019 में 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक देश एक चुनाव के अपने विचार को आगे बढ़ाया था। इसके अलावा सरकार वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को भी संसद में पारित कराने की कोशिश कर सकती है। यह बिल भी फिलहाल जेपीसी के पास है। ऐसे में अब लोगों के जहन में एक बड़ा सवाल यह है कि क्या इन विधेयकों को अमली जामा पहनाने के लिए सरकार एकराय बना पाएगी और क्या यह इस साल कानून का रूप ले पाएगा?
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष - फोटो : Amar Ujala

भारतीय जनता पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला भी 2025 में होगा। भाजपा को नए साल में जनवरी के अंत में नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। हाल ही में भाजपा नेता पीटी कुंजांग ने जानकारी दी कि 15 जनवरी तक राज्य और जिला अध्यक्षों के चुनाव पूरे होंगे। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी और जनवरी के अंत या फरवरी के पहले हफ्ते में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।

भाजपा की नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में दिसंबर 2024 के अंत में संगठन चुनाव को लेकर अहम बैठक हुई थी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, सभी महासचिव, सभी प्रदेश अध्यक्ष और सभी प्रदेश महासचिवों के साथ-साथ संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के प्रमुख और सह प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक के बाद कुंजांग ने बताया कि बैठक में संगठन की चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।
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पीएम किसान निधि - फोटो : Amar Ujala

भारत सरकार किसानों के लिए एक खास योजना चलाती आई है, जिसका नाम है- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। इस योजना में पात्र किसानों को दो-दो हजार रुपये की किस्त देने का प्रावधान है। सरकार किसानों को दी जाने वाली किस्त में बढ़ोतरी करेगी या नहीं? इसको लेकर लोकसभा में कृषि राज्यमंत्री ने लिखित में जवाब दिया। इसमें उनसे पूछा गया था कि क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि में कोई बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है? इसके जवाब में कहा गया कि वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, सम्मान निधि में बढ़ोतरी की मांग काफी समय से चल रही है। ऐसे में नए साल में इस पर भी फैसला हो सकता है।

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आमिर, सलमान और शाहरुख खान - फोटो : Amar Ujala

इस साल फिल्म प्रशंसको शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के एक साथ एक फिल्म आने के सवालों का जवाब मिल सकता है। दरअसल, आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में इस बारे में बात की थी। आमिर ने दोनों अभिनेताओं के साथ लगभग छह महीने पहले एक साथ फिल्म करने के बारे में हुई बातचीत को साझा किया और कहा कि वे सही स्क्रिप्ट का इंतजार कर रहे हैं। आमिर खान ने कहा था कि मुझे लगता है सलमान खान और शाहरुख खान इस प्रस्ताव को मान चुके हैं। उन्हें भी लगा कि जरूर हमें करना चाहिए। हालांकि, इसके लिए हमें एक अच्छी कहानी चाहिए। हमें एक अच्छी स्क्रिप्ट का इंतजार है, हालांकि हम तीनों भी काम करने के लिए उत्साहित हैं।

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Amar Ujala

सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2024 में उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 से जुड़ा एक अहम फैसला सुनाया था। इसमें कोर्ट ने फिलहाल देश भर की सभी अदालतों को मौजूदा धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ लंबित मुकदमों में सर्वे के आदेश सहित कोई भी प्रभावी अंतरिम या अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया था। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र को हलफनामा दायर करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उपासना स्थल कानून फिर चर्चा में आ गया। कई विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। वहीं, याचिकाकर्ता और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने कहा है कि उपासना स्थल अधिनियम के तहत न्यायालय तक पहुंच अवरुद्ध कर दी गई है। अब मामले की सुनवाई नए साल में आगे बढ़ेगी।

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टीम इंडिया से उम्मीदें - फोटो : Amar Ujala

तमाम विवादों के बाद आखिरकार चैंपियंस ट्रॉफी का कार्यक्रम जारी हुआ था। आठ टीमों के बीच वनडे प्रारूप में होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान को करनी है, लेकिन बीसीसीआई ने इसके लिए अपनी टीम पड़ोसी देश भेजने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने हाइब्रिड मॉडल के तहत इसका आयोजना कराने का फैसला किया, जिसमें भारत के मैच दुबई में खेले जाने का निर्णय हुआ। भारत ने 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था और जिस तरह का आईसीसी टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन रहा है, वो चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने का प्रबल दावेदार है। दूसरी तरफ, पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली 0-3 की हार और अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) में पहुंचने की संभावनाओं को झटका है। टीम अभी अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है और अगर उसे दौड़ में बने रहना है तो सिडनी में तीन जनवरी से होने वाला पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच हर हाल में जीतना होगा। इतना ही नहीं, उसे यह प्रार्थना करनी होगी कि ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका दौरे पर एक भी मैच नहीं जीते। इन दोनों सवालों का जवाब प्रशंसको को नए साल में ही मिलेगा। 

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विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' - फोटो : Amar Ujala
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नीत एनडीए सरकार के खिलाफ साथ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने लोकसभा चुनाव 2024 में तो अच्छी खासी कामयाबी हासिल की, लेकिन चुनावों के बीच ही उनके बीच आपसी खींचतान शुरू हो गई। गठबंधन में पहली दरार पश्चिम बंगाल में सामने आई, जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ सीटों का बंटवारा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव ‘आप’ और कांग्रेस के बीच अनबन हो गई। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में जब कांग्रेस को करारी हार मिली तो साथियों ने गठबंधन में कांग्रेस की भूमिका को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। बंगाल से ममता को गठबंधन की कमान सौंपने की मांग उठी। लालू ने भी इसका समर्थन किया। इसके बाद जब दिल्ली विधनसभा चुनावों की सुगबुगाहट हुई तो आप ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर निकलवाने की धमकी दे डाली। ऐसे इस गठजोड़ का भविष्य क्या होगा? इसका जवाब इस साल जनता को मिल सकता है।

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सरकार और विपक्ष की तनातनी - फोटो : Amar Ujala
2024 सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी से भरा रहा। संसद के बजट सत्र से लेकर शीतकालीन सत्र तक दोनों के बीच तू–तू, मैं–मैं लगी रही। अदाणी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने सरकार को जमकर घेरा तो भाजपा ने देश विरोधी तत्वों से कांग्रेस की सांठगांठ का आरोप लगाकर आवाज बुलंद की। साल खत्म होते होते संसद परिसर में ऐसा नजारा देखने को मिला, जो शायद ही पहले कभी सुना गया। दिसंबर में संसद के सत्र के दौरान आंबेडकर के मुद्दे पर सरकर और विपक्ष एक–दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तो दोनों पक्षों के सांसदों के बीच हाथापाई हो गई। इसमें दो भाजपा सांसदों को चोटें भी आईं। ऐसे में क्या नया साल दोनों पक्षों के बीच सुलह का सूरज लेकर आएगा, जिससे हंगामे और नारेबाजी की जगह जनता के लिए काम करने का जज्बा जाग उठे।
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