इंडियन एयरफोर्स दुनिया की सबसे खौफनाक एयरफोर्स में शामिल हैं। खास बात ये है कि इंडियन एयरफोर्स के पास भले ही राफेल, टी-50(पीए-एफएके-50) के अपडेटेड पांचवीं पीढ़ी के विमान अबतक न पहुंचे हो। पर पाकिस्तानी आर्मी हमेशा से अगर किसी से डरती रही है, तो वो इंडियन एयरफोर्स ही है। फिर बात चाहे 1971 बांग्ला मुक्ति संग्राम में ढाका में घुसकर तबाही मचाने और कराची को आग के गोले में तब्दील करने की बात हो या 1999 कारगिल युद्ध के समय मिग 29 के खौफ की वजह से पाकिस्तानी एयरफोर्स के उड़ान भरने से ही मना कर देना। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर इंडियन एयरफोर्स के वो कौन से कातिल जेट हैं, जिनसे पाकिस्तान इतना खौफ खाता है...
विज्ञापन
2 of 8
एसयू-30 एमकेआई फाइटर प्लेन
- फोटो : Amar Ujala
अभी तक एमकेआई 30 के नाम से पाकिस्तान के लिए खौफ का पर्याय रहा है ये फाइटर जेट। इंडियन एयरफोर्स का ये कातिल भले ही थोड़ा पुराना हो चला हो, पर इसमें बदलाव के बाद ये चौथी पीढ़ी से भी आगे के लड़ाकू विमान बन चुके हैं। भारत के पास ऐसे 194 एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान हैं, जो आधुनिकीकरण के बाद पूरी पाक एयरफोर्स पर भारी पड़ेगा। हवा में रहने वाला ये कातिल इंडियन एयरफोर्स में साल 1997 में शामिल हुआ था।
विज्ञापन
मिराज 2000एच जेट
3 of 8
मिराज 2000एच जेट
- फोटो : Amar Ujala
मिराज मौजूदा समय में भले ही सबसे तेज स्पीड से न उड़ता हो, पर लेजर-निर्देशित बमवर्षकों से लैस मिराज 2000एच पाकिस्तान को पहले भी सबक सिखा चुका है। कारगिल युद्ध के समय मिग विमानों के डर की वजह से पाकिस्तानी एयरफोर्स ने उड़ान ही भरने से मना कर दिया था, तो इंडियन एयरफोर्स के मिराज जैसे कातिलों ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर पाक सेना के खास बंकरों के साथ ही खास आर्मी कमांड सेंटर को भी नष्ट कर दिया था। मिराज का 24 जून 1999 को लेजर गाइडेड हमले याद करने लायक हैं। मिराज अभी भी भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान हैं।
4 of 8
मिग 29 यानि एफ-16 का काल
- फोटो : Indian Defence Forum
इंडियन एयरफोर्स के मिग 29 फाइटर प्लेन साल 1985 से ही पाकिस्तानी एयरफोर्स के लिए डर का सबब रहे हैं। कारगिल वॉर के समय आर-77 मिसाइलों से लैस मिग-29 विमानों ने एफ़-16 विमानों को आसमान में उड़ान भरने ही नहीं दिया। अब तो 12 मिग-29 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण का काम पूरा करके उन्हें मिग-29 यूपीजी बना दिया गया है। जो पहले से भी तेज हैं। वैसे, कारगिल अभियान में भले ही इंडियन एयरफोर्स के कई पाइटर प्लेन्स ने पाकिस्तान की नाक में दम किया हो, पर असली काम मिग-29 फुल्क्रम लड़ाकू विमानों ने किया। मिग-29 के आगे पाकिस्तानी एयरफोर्स ने पाक आर्मी के साथ लड़ाई में ही जाने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से पाक आर्मी काफी नाराज भी हुई थी। पाकिस्तानी एयरफोर्स के पीछे हट जाने की वजह से ही इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तानी घुसपैठियों के ठिकानों और सप्लाई सेंटरों पर जमकर तबाही मचाई थी।
इंडियन एयरफोर्स के पास अभी सिर्फ तीन रूसी अवाक्स ए-50 विमान हैं। पर इनकी रेंज इतनी है कि सिर्फ कुछ उड़ानों में पूरा पाकिस्तान नाप सकते हैं। अवॉक्स भारत के अलावा सिर्फ रुस के पास हैं, जो आजकल सीरिया में अपनी जासूसी दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
मिग-25, दुश्मन देश के भीतर घुसकर बैठा जासूस
6 of 8
मिग-25, दुश्मन देश के भीतर घुसकर बैठा जासूस
- फोटो : Amar Ujala
अवॉक्स की तुलना में मिग 25 अब भले ही पुराना हो चुका हो, पर ये आवाज की गति से भी 3 गुने अधिक की स्पीड से उड़ सकता है। अभी बरेली के एयरफोर्स बेस पर ही इनकी स्क्वाड्रन तैनात है। मिग 25 विमान ने 1997 में पाकिस्तान के भीतर 75000 फुट से भी अधिक उंचाई पर उड़कर पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों की तस्वीरें ली, और नक्शा भी बना लिया। पर पाकिस्तानी एयरफोर्स को खबर ही नहीं लगी। वापस लौटते समय मिग 25 ने पायलट ने जानबूझकर इस जासूस को जगजाहिर किया और स्पीड बढ़ाते हुए आवाज की 3 गुनी ज्यादा गति से भारत की ओर वापस आया। जबतक पाकिस्तानी एयरफोर्स को मिग25 की घुसपैठ के बारे में पता चला, मिग 25 वापस भारत में चुका था। पाकिस्तान के एफ-16 विमान मिग 25 की स्पीड के आगे कहीं नहीं ठहरते थे। पायलट ने वापस लौटते समय जान बूझकर इसलिए मिग 25 की गति बढ़ाई, ताकि पाक एयरफोर्स को इसकी हद पता चल सके कि वो इंडियन एयरफोर्स के आगे कहीं नहीं ठहरते। क्योंकि पायलट ने जब ध्वनि की गति से 3 गुना ज्यादा तक स्पीड बढ़ाई, तो पूरे इस्लामाबाद के आकाश में उसकी आवाज गूंजने लगी और जबकर पाक एयरफोर्स के शिकारी उड़ान भरते, मिग 25 वापस भारत पहुंच चुका था। उस समय पाक के पास जो भी विमान थे, वो 50हजार फुट की उंचाई तक ही उड़ सकते थे और मिग पहले से ही 75 हजार फुट की उंचाई तक यानि पाक एयरफोर्स की हैसियत के कहीं ज्यादा बाहर था।
विज्ञापन
7 of 8
एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर
- फोटो : Amar Ujala
भारत के पास रूस से मिले अत्याधुनिक एमआई-17वी-5 नाम के 151 ट्रांसपोर्टर हेलीकॉप्टर हैं। ये जरूरत पड़ने पर हमला भी करने में सक्षम हैं और किसी भी अन्य हेलीकॉप्टर के मुकाबले अधिक उंचाई पर भी अपना काम बाखूबी करते हैं। नए हैलिकॉप्टरों का इस्तेमाल इंडियन एयरफोर्स रेगिस्तानी इलाकों में और कठिन पहाड़ी इलाकों में पहुँचने के लिए करती है।
तेजस हल्का लड़ाकू विमान है, जो किसी भी मौसम में हमला करने में सक्षम है। तेजस को पाकिस्तानी एयरफोर्स को चीन से मिले JF-17 Thunder फाइजर जेट को एक झटके में तबाह कर सकता है। इसके 3 वैरियंट है। ये नेवी में भी अपनी सर्विस दे रहा है। तेजस अभी 2200 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने लायक हो रहा है। जिसकी रेंज को 3200 किलोमीटर तक बढ़ाया जा रहा है। इसमें अभी 2 क्लोज कॉम्बैट मिसाइलें लगी हैं, जिन्हें 2 लॉन्ग रेंज मिसाइलों से लैस किया जाना है।