104 सेटेलाइट की सफल लांचिग के बाद अब भारत की स्पेस एंड रिसर्च ऐजेंसी की नजर अंतरिक्ष में छुपे उस खजाने पर है जिसको अगर धरती पर ले आया गया, तो भारत को कभी बिजली की कमी नहीं होगी।
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helium 3
- फोटो : ExtremeTech
इसरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक चांद पर लाखों टन एक ऐसा मटीरियल मौजूद है जिससे हीलियम 3 पैदा होती है। इसे प्रोसेस कर बस धरती पर लाने की जरूरत है। इससे बड़ी मात्रा में एनर्जी को पैदा की जा सकती है।
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- फोटो : dailymail
इडिया टुडे की खबर के मुताबिक इसरो साइंटिस्ट का दावा है कि 2030 तक भारत की बिजली पैदा करने में चांद मददगार साबित होगा। इस प्रोजेक्ट पर भारत के अलावा चीन भी काम कर रहा है, लेकिन दुनियाभर की निगाह इसरो के प्रोजेक्ट पर लगी हुई है।
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- फोटो : ESA
दावा है कि 1 टन हीलियम 3 की मदद से भारत की सालभर की बिजली पैदा की जा सकती है। इसरो से संबद्ध वैज्ञानिकों पर भरोसा करें तो हम दो दशकों के भीतर भारत की कुल विद्युत आपूर्ति को चांद पर मौजूद एनर्जी से पूरा कर सकेंगे।
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- फोटो : EDN
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसरो के वैज्ञानिक शिवाथनू पिल्लई ने कहा कि चांद पर खनन के जरिए हासिल किए गए हीलियम 3 से पूरे भारत की सभी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है।
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प्रोफेसर के मुताबिक 2030 तक हम अपना लक्ष्य हासिल कर लेंगे। पिल्लई, ऑवजर्वर रिसर्च फांउडेशन द्वारा आयोजित 3 दिवसीय 'ओआरएफ-कल्पना चावला स्पेस पॉलिसी टॉयलॉग' कार्यक्रम में बोल रहे थे।