हालांकि सतर्कता के तौर पर इस तरीके में पहले विभाग व्यापारी की तरफ से दर्ज कराए गए डिजिटल लेनदेन के आंकड़े की पुष्टि करेगा और उसके बाद कैशबैक उसके बैंक खाते में जमा कराया जाएगा। बैठक के दौरान तीसरे तरीके के तौर पर ये डिजिटल लेनदेन के बदले प्रत्यक्ष कर में भी कोई प्रोत्साहन लाभ देने पर चर्चा की गई। लेकिन प्रत्यक्ष कर विभाग ने इसे खारिज कर दिया