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गलवां घाटी में शहीद हुए योद्धाओं के लिए बनाया गया स्मारक, सभी 20 जवानों के नाम अंकित हुए

Sat, 03 Oct 2020 11:09 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गलवां घाटी में शहीद हुए योद्धाओं के लिए बनाया गया स्मारक - फोटो : Amar Ujala
लद्दाख की गलवां घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों के नाम पूर्वी लद्दाख में युद्ध स्मारक पर अंकित किए गए हैं। सेना ने शहीद योद्धाओं के लिए ये स्मारक बनवाया है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे बहादुर जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर विफल कर दिया था। 

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गलवां घाटी में शहीद हुए योद्धाओं के लिए बनाया गया स्मारक - फोटो : Amar Ujala
16 बिहार रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू गलवां घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले 20 जवानों में शामिल थे। इस झड़प में भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया था। अधिकारियों ने कहा, सभी शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित किए गए हैं। 

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गलवां घाटी में शहीद हुए योद्धाओं के लिए बनाया गया स्मारक - फोटो : Amar Ujala
गलवां घाटी में हुई इस हिंसक झड़प में मारे गए अपने सैनिकों के बारे में चीन ने कोई जानकारी साझा नहीं की। हालांकि, भारत के मूल्यांकन के मुताबिक, इस झड़प में पीएलए को भारत से दोगुना ज्यादा क्षति हुई। वहीं, एक अमेरिकी खुफिया में रिपोर्ट में बताया गया था कि इस झड़प में चीनी पक्ष के 43 जवान हताहत हुए थे। 

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गलवां घाटी में शहीद हुए योद्धाओं के लिए बनाया गया स्मारक - फोटो : Amar Ujala
गलवां घाटी में हुई इस झड़प में 16 बिहार रेजीमेंट के सैनिकों के अलावा, 3 पंजाब रेजीमेंट, 3 मीडियम रेजीमेंट और 81 फील्ड रेजिमेंट के जवान शामिल थे। भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों का डटकर सामना किया। दरअसल, चीनियों ने क्षेत्र को खाली करने से इनकार कर दिया, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। 

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