महाराष्ट्र में शनिवार को दही हांडी उत्सव के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई में ईंटों का खंभा गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि पुणे में लोहे के ढांचे के नीचे दबने से एक महिला की जान चली गई।
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प्रशासन ने त्योहार के दौरान सुरक्षा और उपचार के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
सवाल: मुंबई-पुणे में कैसे हुए हादसे और क्या बना मौत की वजह? जवाब: पुणे के पिंपरी चिंचवड़ के पुराना सांगवी इलाके की रहने वाली सलमा सलाउद्दीन पठान की शुक्रवार रात एक अस्थायी लोहे के ढांचे के नीचे दबने से मौत हो गई। यह ढांचा दही हांडी कार्यक्रम के लिए लगाए गए तेज आवाज वाले लाउडस्पीकरों को सहारा देने के लिए बनाया गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद कर्मचारी लोहे के ढांचे को खोल रहे थे। इसी दौरान उसका भारी हिस्सा पठान के ऊपर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, पठान का बेटा आयोजन करने वाले मंडल का पदाधिकारी था। परिवार ने आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया और पुलिस से खुद मामला दर्ज नहीं करने का अनुरोध किया। पुलिस ने दुर्घटनावश हुई मौत की रिपोर्ट दर्ज की है और ढांचा गिरने की घटना की जांच की जा रही है।
वहीं, मुंबई में दोपहर करीब तीन बजे मालवणी के चिकुवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसाइटी में हादसा हुआ। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों का एक समूह अपने स्तर पर दही हांडी का आयोजन कर रहा था। बच्चों ने हांडी को पकड़ने वाली रस्सी का एक सिरा पेड़ से और दूसरा सिरा भूतल की एक संरचना के ईंटों से बने खंभे से बांधा था।
जब बच्चे हांडी फोड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी ईंटों का खंभा अचानक ढह गया और उसके नीचे सात वर्षीय रुद्र कदम दब गया।खंभे की चपेट में आने से उसके सिर में गंभीर चोट लगी। अधिकारियों ने बताया कि रुद्र को तत्काल मालवणी जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद वार्ड के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया।
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मुंबई-ठाणे में कई गोविंदा घायल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI
सवाल: मुंबई-ठाणे में कितने गोविंदा घायल हुए? जवाब: मुंबई में दही हांडी के लिए मानव पिरामिड बनाने वाले 32 गोविंदा घायल हुए। इनमें से 29 को अस्पताल ले जाया गया। बृहन्मुंबई नगर निगम के ताजा अपडेट के अनुसार, 25 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि चार का इलाज चल रहा है।
वहीं, ठाणे जिले में 10 गोविंदाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें चार का इलाज नगर निगम के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में हुआ, जबकि छह को जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नगर निगम के अनुसार, चार गोविंदाओं को पीठ, गर्दन और सिर में चोटों के कारण उपचार दिया गया। छह अन्य को फ्रैक्चर और शरीर पर लगी अन्य चोटों के चलते जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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महाराष्ट्र के कई हिस्सों में होता है दही-हांडी का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI
सवाल: दही हांडी आयोजन महाराष्ट्र में क्यों खास? जवाब: दही हांडी जन्माष्टमी उत्सव का हिस्सा है, जो भगवान कृष्ण के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। इसमें गोविंदा कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी फोड़ते हैं। मुंबई, ठाणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में यह उत्सव पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। मुंबई और आसपास के इलाकों में नेताओं की ओर से आयोजित दही हांडी कार्यक्रम पिछले कुछ वर्षों में बड़े आकर्षण बन गए हैं। इनमें बड़ी इनामी राशि के साथ फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी और मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI
सवाल: उत्सव के दौरान सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए? जवाब: पुलिस ने त्योहार को देखते हुए मुंबई में सुरक्षा बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बीएमसी ने घायल गोविंदाओं के इलाज के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। नगर निकाय के अनुसार, 16 नगर निगम संचालित उपनगरीय अस्पतालों के अलावा सायन के लोकमान्य तिलक नगर अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में 100 से अधिक बिस्तर तैयार रखे गए हैं।