ईवीएम मशीन
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लोगों का कहना है, " नेता वोट ले लेते हैं, लेकिन उसके बाद मुड़के नहीं आते हैं, जीतने के बाद कुर्सी पकड़ के बैठ जाते हैं, लेकिन सामने भी तो कैंडिडेट ठीक नहीं है"। ये राय रखने वाले सिर्फ समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के फुलहारा पंचायत के जीतन राम और बैरनी गांव की निरमी देवी की नहीं, बल्कि रोसड़ा, कुशेश्वर स्थान से लेकर हायाघाट तक इस सुरक्षित सीट पर एक बड़े तबके की भी राय है।