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इन 15 घटनाओं की वजह से आप शायद ही भूल पाएंगे 2019 का लोकसभा चुनाव

Wed, 22 May 2019 12:31 AM IST
Trainee Trainee चुनाव डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा चुनाव 2019 की यादगार घटनाएं - फोटो : Amar Ujala
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई को आएंगे। लेकिन इस आम चुनाव में कई ऐसी चीजें पहली बार घटित हुई हैं। जिनकी वजह से ये चुनाव याद किया जाएगा। ममता-मोदी का टकराव हो या फिर प्रज्ञा ठाकुर के विवादित बोल। चुनाव आयोग के द्वारा कई दिग्गजों के बयान पर चुनाव आयोग ने गाज तक गिराई। कई दिग्गजों को उनकी पार्टी ने नेपथ्य का रास्ता दिखा दिया। कई ऐसी घटनाएं हुईं जो लोकसभा चुनाव 2019 को यादगार बनाएंगी और इतिहास के पन्ने में दर्ज हो जाएंगी। आइए नजर डालते हैं कुछ झलकियों पर..।
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एक साथ आए मायावती और मुलायम सिंह यादव - फोटो : पीटीआई
लोकसभा चुनाव 2019 की चुनौती को देखते हुए उत्तर प्रदेश के दो धुर विरोधी राजनीतिक दल सपा-बसपा अपनी दो दशक की दुश्मनी को भुलाकर एक मंच पर आए। मायावती ने गेस्ट हाउस कांड को भूलकर ना सिर्फ सपा के साथ गठबंधन किया बल्कि मुलायम सिंह यादव के साथ एक मंच पर खड़े होकर उनके लिए वोट भी मांगा। सपा प्रमुख अखिलेश और मायावती की जोड़ी यूपी में भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है।
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pm modi film poster - फोटो : twitter
पीएम मोदी के जीवन पर बनी फिल्म रिलीज नहीं हो पाई। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में कई सुनवाई के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी पर बनी फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म पहले 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी। बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबरॉय इस फिल्म पीएम मोदी की भूमिका निभा रहे हैं। अब ये 24 मई को रिलीज होगी।

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प्रियंका गांधी-मेनका गांधी - फोटो : PTI
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सुल्तानपुर में अपनी चाची मेनका गांधी के खिलाफ रोड शो किया। प्रियंका यहां कांग्रेस प्रत्याशी संजय सिंंह के समर्थन में रोड शो करने पहुंची थीं। इस दौरान चाची भतीजी का काफिला एक दूसरे के आमने-सामने आ गया। मेनका गांधी इस बार अपने बेटे वरुण गांधी की सीट सुल्तानपुर से चुनावी मैदान में हैं।
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दिग्गज चुनाव मैदान से नदारद - फोटो : Social Media
दिग्गज चुनाव मैदान से नदारद
लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, उमा भारती, एनसीपी नेता शरद पवार लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और लोजपा नेता रामविलास पासवान जैसे दिग्गज नेताओं ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। कई लोगों ने तो राजनीतिक संन्यास की घोषणा तक कर दी।
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चुनाव के दौरान बंगाल में मचा बवाल - फोटो : PTI
बंगाल में एक दिन पहले थमा चुनाव प्रचार
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही हिंसा की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहने पर राज्य के सीआईडी के एडीजी और गृह विभाग के प्रधान सचिव को हटा दिया। साथ ही अंतिम चरण के चुनाव प्रचार को तय समय से एक दिन पहले ही खत्म कर दिया गया।
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इवीएम - फोटो : PTI
ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में रहा
लोकसभा चुनाव के बीच विपक्षी दलों ने ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर उठाया। 21 विपक्षी दलों ने 50 प्रतिशत ईवीएम मशीनों में वीवीपैट होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया।

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महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
पहली बार एक सीट पर तीन चरणों में मतदान
लोकसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा की सीट पर सुरक्षा के कारणों से तीन चरणों में 23 अप्रैल, 29 अप्रैल और 6 मई को मतदान हुआ। दक्षिण कश्मीर का ये इलाका आतंकवाद को लेकर अति संवेदनशील माना जाता है। इस सीट से जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती चुनावी मैदान में हैं।

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तेजबहादुर
तेजबहादुर का नामांकन रद्द
चुनाव आयोग ने बीएसएफ से बर्खास्त तेज बहादुर यादव का वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन खारिज कर दिया। तेज ने दो नामांकन पत्र भरे थे। एक 24 अप्रैल को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में, दूसरा 29 अप्रैल को सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के रुप में। शपथ पत्र में गलत जानकारी देने की वजह से उनका पर्चा रद्द कर कर दिया गया।

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चंद्रशेखर राव
निजामाबाद सीट पर रिकार्ड ईवीएम लगीं
तेलंगाना की निजामाबाद सीट पर सत्तारुढ़ टीआरएस के प्रमुख चंद्रशेखर राव की बेटी कविता के खिलाफ 178  किसान चुनाव लड़े। इस सीट से कुल 185 प्रत्याशी चुनाव मैदान उतरे थें। प्रत्याशियों की संख्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने यहां मतदान के लिए 26 हजार ईवीएम मंगाई थी।

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चुनाव प्रचार के दौरान फिरदौस अहमद - फोटो : social media
बांग्लादेशी अभिनेता को प्रचार करने पर वापस भेजा
बंग्लादेश के अभिनेता फिरदौस अहमद को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए कथित तौर पर चुनाव प्रचार करने से विवाद पैदा हो गया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें भारत छोड़ने के लिए कह दिया।

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युवा मतदाता
21वीं सदी में पैदा हुए युवाओं ने डाला वोट
21वीं सदी में पैदा हुए युवाओं ने पहली बार आम चुनाव में मतदान किया। इस बार आम चुनाव में करीब नौ करोड़ नए वोटर थे। जबकि 2014 में 10 करोड़ से ज्यादा नए युवा मतदाता सूची में शामिल किए गए थे। ये 19 करोड़ मतदाता किसी भी ओर चुनाव का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं।

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अमित शाह की रैली में हिंसा - फोटो : Social Media
बंगाल में हिंसा 
पश्चिम बंगाल में इसबार के आम चुनाव के दौरान जमकर हिंसा हुई। मतदान के शुरुआत से लेकर आखिरी तक बंगाल बवाल के बीच उबलता रहा। भाजपा सांसद और आसनसोल से भाजपा के प्रत्याशी बाबुल सुप्रियो की गाड़ी पर भी हमला हुआ। अमित शाह के कोलकाता के रोड शो में खूब हिंसा भड़की और आगजनी हुई, जिसमें समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति को भी उपद्रवियों ने तोड़ दिया। जिसको लेकर बंगाल में सियासत गरमाई और लेफ्ट- टीएमसी के कार्यकर्ता विरोध में सड़क पर उतरे।

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अमित शाह-उद्धव ठाकरे - फोटो : PTI
एनडीए में लौटी शिवसेना
एनडीए से बाहर होने के बाद शिवसेना लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो गई। सीटों लेकर मची रार के बाद अंततः समझौता हुआ और दोनों हा साथ मिलकर चुनाव लड़े।

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प्रियंका गांधी - फोटो : PTI
प्रियंका गांधी बनीं कांग्रेस की महासचिव
प्रियंका गांधी ने पहली बार सक्रिय राजनीति में दखल दिया। वो कांग्रेस की महासचिव बनीं साथ ही उन्हें पूर्वी यूपी की 41 लोकसभा सीटों का प्रभार मिला। प्रियंका ने अपने बदले हुए अंदाज से पूर्वी यूपी की सभी सीटों पर जमकर प्रचार किया। पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में भी उन्होंने रोड शो किया। साथ ही वो भाजपा और पीएम मोदी पर भी आक्रामक रहीं। हर सभा से उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा। प्रियंका के मैदान में आने से कांग्रेस अलग ही तेवर के साथ इस चुनाव में नजर आई।
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ममता बनाम मोदी की जंग - फोटो : Amar Ujala
ममता बनाम मोदी
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आक्रामकता दिखाते हुए भाजपा और पीएम मोदी पर हमलावर रहीं। लगातार भाजपा और पीएम पर दिए अपने आक्रामक बयानों से वो देश की राजनीति में एक बार फिर से चर्चा की केंद्र बन गईं है। माना जा रहा है कि यदि तीसरा मोर्चा बना तो ममता ही इसकी नेता होंगी।
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