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भारतीय सेना की ताकत हैं ये विध्वंसक हथियार, जिनसे खौफ खाता है पाकिस्तान

Wed, 27 Feb 2019 06:28 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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fighter jet - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्व हालात बने हुए हैं। आज पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के बाद भारती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें वापस लौटने को मजबूर कर दिया। इस दौरान भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमान को भारत ने मार गिराया। यह विमान नौशेरा से तीन किलोमीटर दूर पाकिस्तान की ओर लाम घाटी में जा गिरा।
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फाइटर जेट जगुआर
बता दें कि मंगलवार की सुबह भारतीय वायुसेना ने असैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी कैंपों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया था। पाक की हरकत के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ी इस तल्खी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसके बाद तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रखा गया है। भारत पाकिस्तान से हमेशा ही ताकतवर रहा है। भारतीय सेना के पास ऐसे अत्याधुनिक हथियार हैं। जिनकी वजह से भारत को ग्लोबल पावर के तौर पर आंका जाता है। इस हालात पर हम आपको भारत की सैन्य शक्ति के कुछ ऐसे हथियारों से परिचित कराते हैं, जो युद्ध की स्थिति आने पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने की क्षमता रखते हैं...
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सुखोई-30 (Su-30Mki) -

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Sukhoi SU-30
सुखोई भारत के प्रमुख फाइटर जेट्स में से एक है। यह अत्याधुनिक तकनीकी से लैस एक ऐसा एयरक्राफ्ट है जो भारतीय वायुसेना को 21वीं सदी के हिसाब से परिभाषित कर सकता है। इसे रूस के द्वारा बनाया गया है। सुखोई-30 लड़ाकू विमान को एक बेहतरीन एयरक्राफ्ट्स में गिना जाता है।
  •   इसकी लंबाई 21.93 मीटर
  •  चौड़ाई (विंग स्पान) 14.7 मीटर 
  • बगैर हथियार के इसका वजन 18 हजार चार सौ किलोग्राम
  • हथियार के साथ इसका वजन 26 हजार किलोग्राम से अधिक
  • रफ्तार 2100 किलोमीटर प्रति घंटा
  • 3 हजार किलोमीटर तक की गहराई में जाकर हमला कर सकता है। 
  • इसमें दो शक्तिशाली इंजन मौजूद हैं। 
  • यह प्रतिकूल मौसम में उड़ान भरकर हवा से हवा सहित हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है। 

ब्रह्मोस मिसाइल-

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brahmos
भारतीय सेना के सबसे घातक हथियारों में एक है ब्रम्होस मिसाइल। इस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर तैयार किया था। 2005 से इसे हमारी नौसेना में शामिल किया गया। सबसे ज्यादा सटीक वार करने वाली इस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है। सुपर सोनिक की स्पीड से यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक 200 से 300 किलो तक विस्फोटक ले जाने में भी सक्षम है।

आईएएनएस चक्र-2 - परमाणु क्षमता युक्त रूस निर्मित पनडुब्बी आईएएनएस चक्र-2 नौसेना का बड़ा हथियार है। मूल रूप से 'के-152 नेरपा' नाम से निर्मित अकुला-2 श्रेणी की इस पनडुब्बी को रूस से एक अरब डॉलर के सौदे पर 10 साल के लिए लिया गया है। नौसेना में शामिल करने से पहले इसका नाम बदलकर आईएनएस चक्र-2 कर दिया गया। यह पनडुब्बी 600 मीटर तक पानी के अंदर रह सकती है। यह तीन महीने लगातार समुद्र के भीतर रह सकती है। नेरपा पनडुब्बी की अधिकतम गति 30 समुद्री मील है और ये आठ टॉरपीडो से लैस है। 
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टैंक टी-90 भीष्म-

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टी-90 भीष्म टैंक
टी-90 भीष्म दक्षिण एशिया के किसी भी सेना में मौजूद टैंकों में सबसे ज्यादा सक्षम टैंक है। 48000 किलो के वजनी इस टैंक में तीन जवान बैठकर किसी भी मु्श्किल एरिया में पहुंच सकता है। यह पांच मीटर तक गहरे पानी की को भी पार कर दुश्मन पर वार कर सकता है। टी-90 भीष्म में 125 एमएम की चार मशीन लगी होती हैं जिनकी मारक दूरी 10 किमी तक है। इसे 1993 में भारतीय सेना में शामिल गया। इस टैंक का प्रयोग रात के अंधेरे में भी किया जा सकता है, क्योंकि यह अंधेरे में देखने की तकनीक से लैस है। इसमें खतरे को भांपने वाले सिग्नल भी मौजूद हैं जो सैनिक को पहले ही आगाह कर देता है।
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नाग और नाग कैरियर-

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'नाग' मिसाइल
'दागो और भूल जाओ' श्रेणी की तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल 'नाग' एडवांस्ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है। सूत्रों के अनुसार यह सुविधा बहुत कम देशों के पास है। नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है, इसका कुल वजन महज 42 किलो होता है। इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है। नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है।

एक खास बात और एक बार मिसाइल दाग दी गई तो इसे रोका नहीं जा सकेगा। दुनिया के किसी भी सेना के टैंक को यह मिसाइल कुछ ही क्षणों में ध्वस्त कर सकती है। इसकी मारक क्षमता चार से पांच किलोमीटर है। वहीं नाग कैरियर में एक बार में 12 मिसाइल तैनात की जा सकती हैं और एक साथ आठ मिसाइलों को दागा जा सकता है।



   
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निर्भय-

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निर्भय मिसाइल - फोटो : PTI
यह भारत की सबसोनिक क्रूज मिसाइल है। निर्भय मिसाइल में ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर के साथ टर्बोफैन इंजन लगा होता है। इसी वजह से इसकी रेंज 800 से 1000 किलोमीटर है। सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल को हर मौसम में दागा जा सकता है।

सागरिका या शौर्या- यह भारत की सबमरीन लांच बैलेस्टिक मिसाइल है जिसे समुद्र से दागे जाने में सक्षम है। इस मिसाइल की रेंज 700 किलोमीटर से 3500 किलोमीटर तक है। यह अपने तरह की ऐसी मिसाइल है जो विश्व के कुछ ही देशों के पास है।

 

आकाश मिसाइल-

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akash missile
700 किलोग्राम वजन वाली यह मिसाइल जमीन से हवा में मार कर सकने में सक्षम है। इसकी गति 2.5 मैक है और इसकी सबसे खास बात ये है कि यह 25 किलोमीटर के रेंज में किसी भी उड़ती चीज को भेदने में सक्षम है। इस मिसाइल को भारत का पैट्रियॉट कहा जाता है।

प्रहार मिसाइल- प्रहार शार्ट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल है जिसमें 150 किलोमीटर की दूरी तक की मारक क्षमता है। इसके अगले कुछ साल में सेना में शामिल होने की उम्मीद है।

मिराज- 2000

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मिराज 2000 विमान
इस लड़ाकू विमान की सबसे खास बात है कि यह किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है। यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर धुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। ये वो मिसाइल है जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। इसके साथ ही यह अपने साथ एयर टू सर्फेस मिसाइल भी संभाल सकती है। बता दें मंगलवार तड़के 3 बजे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी कैंपों को नष्ट करने में मिराज- 2000 (Mirage 2000) डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (लड़ाकू विमान) का ही इस्तेमाल किया था। 

मिराज की खासियतें-
  • मिराज- 2000 लड़ाकू जिसे भारतीय वायु सेना ने वज्र नाम दिया है, का निर्माण फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने किया है। यह वही कंपनी जिसने राफेल को बनाया है।
  • मिराज-2000 सिंगल इंजन फाइटर प्लेन विमान की लंबाई 14.36 मीटर है। विमान का वजन 7500 किलो है।
  • मिराज-2000, 6000 किलोग्राम वजन की मिसाइल के साथ 2495 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड से उड़ान भर सकता है। यह 59 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
  • मिराज-2000 125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है। यह 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट दागता है।

 
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मिराज की खासियतें-

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मिराज विमान
  • पहली बार 1970 में उड़ान भरने वाला मिराज 2000 फ्रेंच मल्टीरोल, सिंगल इंजन चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है। ये फाइटर जेट नौ देशों में सेवा दे रहा है।
  •  राडार की पकड़ में न आने वाला मिराज-2000 एक साथ हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में सक्षम है।
  •  मिराज 2000 लड़ाकू विमान ने कारगिल युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी।
  • अक्तूबर 1982 में भारत ने 36 सिंगल सीटर सिलेंडर मिराज 2000 और 4 ट्वीन सीटर मिराज 2000 का ऑर्डर दिया था।
  • इसे 1986 में औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया था। साल 2015 में  अपग्रेडेड मिराज-2000 को भारतीय वायुसेना को सौंपा गया। अपग्रेडेड विमानों में नए राडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा है। इससे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता में भारी इजाफा हो गया है। 
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