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कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं गलत वीडियो को वायरल, इन आसान तरीकों से करें जांच पड़ताल

सार

कहीं आप भी तो नहीं देख रहे, कोरोना महामारी की फेक वीडियो
ऐसे जानें कौन सा वीडियो है असली
वीडियो का सत्यापन कैसे करें
वीडियो में छिपी बातें खोलती है अपने राज
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स्पेशल स्टोरी फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
सोशल मीडिया पर अलग अलग तरह से फेक न्यूज वायरल होती है। तस्वीर, ऑडियो और वीडियो माध्यमों के द्वारा। खासकर जब कोई बड़ा मौका हो तो  
जब भी इस तरह की घटनाएं होती हैं तो फर्जी खबरों की भी बाढ़ आ जाती है। ऐसी खबरों, तस्वीरों और वीडियो की वजह से लोग प्रभावित भी हो जाते हैं। इसकी पहचान करने का एक आसान तरीका हम आपको बता रहे हैं।
खबरों, तस्वीरों और वीडियो की पुष्टि के लिए आप जिन तरीकों का उपयोग करते हैं, उसमें कुछ सवाल जानने और समझने से लेकर वीडियो सत्यापन के महत्वपूर्ण टूलों का उपयोग भी शामिल है। फेक न्यूज, अफवाह को मिलकर ही रोका जा सकता है। अमर उजाला की यह मुहिम है कि पाठकों तक प्रामाणिक और तथ्यात्मक सत्य खबर ही पहुंचे, कोरोना महामारी में अगर आपके पास कोई फेक वीडियो आता है तो आप भी उसका वेरिफिकेशन कर सकते हैं और उस फर्जी खबर को फैलने से रोक सकते हैं-
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वीडियो का सत्यापन आप निम्नलिखित टूल्स और तकनीक के द्वारा कर सकते हैं

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स्पेशल स्टोरी फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
आइए जानते हैं इस लेख में ऐसे ही कुछ वीडियो वेरिफिकेशन टूल्स के विषय में-

वीडियो का सत्यापन आप निम्नलिखित टूल्स और तकनीक के द्वारा कर सकते हैं-
  • इनविड टूल
  • यूट्यूब डेटा व्यूअर
  • टिनआई रिवर्स सर्च इमेज टूल
  • एक्जिफ डाटा व्यूअर टूल


वीडियो देखकर: खुद से करें यह सवाल

जब भी कोई  वायरल वीडियो होकर सामने आता है तो सबसे पहले कुछ साधारण से सवाल खुद से कीजिए।
  • सोशल मीडिया पर ये वीडियो कब वायरल हुआ?
  • उस समय ऐसा क्या माहौल चल रहा था ?
  • किसके द्वारा भेजा गया?
  • यह वीडियो कब का है, और कहां पर लिया गया है?
  • वीडियो किसके द्वारा शूट किया गया है?
  • वीडियो को करीब से देखने पर क्या खास बातें दिखाई देती हैं?
  • वीडियो के डिस्क्रिप्शन में क्या लिखा गया है ?
  • वीडियो के साथ कमेंट्स में क्या दिया गया है ?
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वीडियो का सत्यापन कैसे करें

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स्पेशल स्टोरी फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
  • सबसे पहले इनविड टूल डाउनलोड करें।  
  • वीडियो की तस्वीर का एक की-शार्ट लें
  • फिर वीडियो से एक तस्वीर लें उसको रिवर्स इमेज सर्च करें।
  • रिवर्स इमेज सर्च टूल का इस्तेमाल करें।  
  • स्मार्ट की-वर्ड का चयन करें।  
  • मजबूत अवलोकन क्षमता के द्वारा उस तस्वीर को ध्यानपूर्वक देखें।  
  • सबसे महत्वपूर्ण पुराने समय का पत्रकारिता कौशल (ओल्ड स्कूल जर्नलिज्म ) का प्रयोग करें।  
  • वीडियो के किसी भी फ्रेम में आपको कोई भी सुराग मिल सकता है,

दूसरा टूल - यूट्यूब डेटा व्यूअर

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स्पेशल स्टोरी फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
  • यूट्यूब पर जो भी वीडियो डाले गए होते हैं उन वीडियो से डेटा निकालता है।
  • यह इमेज थंबनेल निकालता है जिससे रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से वीडियो के विभिन्न संस्करणों को खोजने में सहायता मिलती है।
  • वीडियो अपलोड का समय बताता है।
  • मगर यह तब उपयोगी होता है जब यूट्यूब पर एक ही वीडियो की बहुत सारी कॉपियां उपलब्ध होती हैं।
  • यूट्यूब डेटा व्यूअर का नुकसान: यह केवल यूट्यूब पर डाले गए वीडियो पर ही काम करता है।
  • वाच फ्रेम बाय फ्रेम टूल
  • इस टूल में आप एक- एक फ्रेम करके तथ्य को तलाश सकते हैं।
  • और उसमें जम्प, जर्क और कट्स को पहचान सकते हैं।
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टिनआई  (TinEye) रिवर्स सर्च इमेज टूल

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special story fact check - फोटो : Amar Ujala
  • फोन और सिस्टम दोनों के लिए  टिनआई  (TinEye) इसके लिए बेहतर उपकरण है।
  • सबसे पहले टिनआई डॉट कॉम पर जाएं और बाएं ओर स्थित आइकॉन को क्लिक करें
  • तस्वीर को सुरक्षित करें या फिर डाउनलोड करें,
  • इसके अलावा तस्वीर का वेब एड्रेस कॉपी कर सकते हैं,
  • नेविगेट का सकते हैं images.google.com
  • उसके बाद ब्राउजर मेनू  में जाकर स्क्रॉल डाउन करके गूगल क्रोम में सेलेक्ट करे "रिक्वेस्ट डेस्कटॉप साइट",
  • मेनू स्क्रीन के शीर्ष दायीं ओर तीन बिंदुओं पर दबाकर पाया जाता है। IOS Safari में, यह स्क्रीन के निचले भाग में केंद्र में मौजूद होती है,
  • सर्च बार में कैमरा आइकन दबाएं
  • अब आपके पास दो विकल्प हैं: उस फोटो का यूआरएल  पेस्ट करें जिसे आप सर्च बार में चेक करना चाहते हैं।
  • वैकल्पिक रूप से, उस छवि को अपलोड करने के लिए "एक छवि अपलोड करें" टैब चुनें जहां से आपने इसे अपने फोन पर सहेजा है।
  • छवि का उपयोग कब और कहां किया गया, इसके परिणामों की जांच करें।
  • यह मूल रूप से कहां इस्तेमाल किया गया था और संभवतः चित्र का कॉपीराइट किसका हैं।
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एक्जिफ डाटा व्यूअर

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स्पेशल स्टोरी फैक्ट चेक - फोटो : Amar ujala
  • एक्जिफ का फुलफॉर्म एक्सचेंजबल इमेज फाइल है।
  • यह किसी भी डिजिटल कैमरा द्वारा लिया गया उसका फुटप्रिंट होता है।
  • प्रत्येक डाटा इमेज का अपना एक्जिफ मेटाडाटा होता है।

एक्जिफ डाटा व्यूअर का इस्तेमाल कैसे होता है-
  • सबसे पहले exifdata. com पर जाकर इमेज को अपलोड करें
  • जैसे ही आप इमेज अपलोड करेंगे आपको उससे जुडी सभी जानकारी मिल जाएगी
  • एक्जिफ डाटा की मदद से आप उस कैमरा के लैंस, शटर स्पीड, समय, तारीख आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फेक खबरों की जांच-पड़ताल के लिए इन सभी टूल्स की मदद आप भी ले सकते हैं, और फर्जी खबरों को वायरल होने से रोक सकते हैं। वीडियो वायरल करना बहुत आसान है और इससे आसानी से भ्रामक और फेक खबरों को फैलाया जा सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि हम भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें और फेक न्यूज को फैलने से रोकें।

 
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