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कभी जवानों से मारपीट तो कभी महिषासुर दिवस, जेएनयू के वो विवाद जिन्होंने बटोरीं सुर्खियां 

Mon, 13 Jan 2020 09:07 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुलिस से भिड़ी छात्राएं (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
जेएनयू में उठा विवाद एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार मुद्दा पांच दिसंबर को कैंपस में नकाबपोश लोगों द्वारा छात्रों के साथ की गई मारपीट है। फीस बढ़ोतरी को लेकर पहले ही कैंपस में शिक्षा ठप पड़ी है। हालांकि ऐसा नहीं है कि जेएनयू में इस तरह के विवाद पहली बार हुए हैं। सरकार चाहे कांग्रेस की हो या भाजपा की, समय-समय पर जेएनयू में विवाद की चिंगारी को हवा मिलती रही है। जानें जेएनयू के शीर्ष विवाद...

1983 में प्रोफेसर के घर में तोड़फोड़

  • एक छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया। 
  • इसके बाद 100 से ज्यादा छात्रों ने कुलपति के निवास का घेराव कर दिया, शिक्षकों के साथ मारपीट की भी खबरें आईं। 
  • कुलपति रहे प्रोफेसर पीएन श्रीवास्तव ने कहा कि कुछ छात्र उनके घर में तोड़फोड़ कर 35 साल की जमापूंजी ले गए। 
  • नतीजतन कैंपस में अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा। 
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भारत-पाक मुशायरा और जवानों से मारपीट 

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jnu student protest (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
  • अप्रैल 2000 में जेएनयू कैंपस में मुशायरे का आयोजन हुआ, जिसमें पाकिस्तान के शायरों ने भी हिस्सा लिया। 
  • इस मुशायरे में कुछ शायरों ने भारत की आलोचना की।
  • कारगिल जंग में शामिल दो जवान उस समय कैंपस में थे, उन्होंने इसका विरोध जताया। इसके बाद जवानों और छात्रों के बीच मारपीट हो गई।
  • उस समय भाजपा सांसद भुवन चंद्र खंडूरी ने इस मामले को लोकसभा में उठाया। 
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ नारेबाजी 

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jnu student protest (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
  • वर्ष 2005 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जेएनयू कैंपस में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाना था।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर प्रतिबंध के अमेरिकी प्रस्ताव पर भारत का समर्थन किया।
  • इसके खिलाफ जेएनयू कैंपस में छात्रों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ नारेबाजी करना शुरू कर दिया। 
  • छात्रों ने उनका रास्ता रोकने की भी कोशिश की। 

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई छात्र संघ चुनावों पर रोक 

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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
  • 24 अक्तूबर, 2008 को सुप्रीम कोर्ट ने जेएनयू छात्र संघ के चुनावों पर रोक लगा दी। 
  • लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन नहीं करने की वजह से यह फैसला लिया गया। 
  • लंबी बातचीत के बाद 2012 में फिर से यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के चुनाव हुए। 
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छत्तीसगढ़ नक्सली हमले का जश्न!

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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
  • वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमला हुआ। सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए। 
  • एनएसयूआई छात्रों ने आरोप लगाए कि वामपंथी छात्र संघ के छात्रों ने इसकी खुशी मनाने के लिए कैंपस में कार्यक्रम का आयोजन किया। 
  • यह भी दावा किया गया कि इस दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए। 
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महिषासुर बलिदान दिवस

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
  • अक्तूबर 2013 में जेएनयू कैंपस में महिषासुर बलिदान दिवस नाम के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
  • आरोप लगे कि इस कार्यक्रम में पर्चे बांटे गए, जिसमें देवी दुर्गा के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। 
  • इसे लेकर विरोध हुआ और छात्रों के बीच काफी मारपीट हुई। 
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'टुकड़े-टुकड़े' विवाद 

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jnu - फोटो : अमर उजाला
  • साल 2016 में जेएनयू कैंपस में आतंकी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित हुआ।
  • इस कार्यक्रम में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगे, जिस पर खूब बवाल हुआ। 
  • हालांकि वामपंथी छात्रों ने इस तरह के नारे लगाने के आरोपों से इनकार किया।
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