देश में अब आप जल्द ही वॉटर मेट्रो की भी सवारी कर सकेंगे। अगले साल दिसंबर 2019 में यह सेवा शुरू हो सकती है। कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (केएमआरएल) के डायरेक्टर एपीएम मोहम्मद हैनिश ने बताया कि जनवरी तक मेट्रो का टेंडर दे दिया जाएगा।
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water metro
केरल में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (केएमआरएल) ने अगले साल दिसंबर में देश की पहली 'वाटर मेट्रो' शुरू करने की योजना बनाई है। यह प्रॉजेक्ट जर्मन की मदद से तैयार होगा। यह प्रॉजेक्ट नौकाओं पर आधारित हैं, जो 76 किलोमीटर की दूरी में 15 रास्तों से चलाई जाएंगी।
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मेट्रो एजेंसी एक एंटिग्रेटेड वॉटर ट्रांसपॉर्ट प्रॉजेक्ट शुरू कर रही है, जिसकी लागत लगभग 819 करोड़ रुपए होगी। जर्मनी की कंपनी केएफडब्ल्यू में बड़ा निवेश कर रही है। केएफडब्ल्यू कंपनी 582 करोड़ रुपये लगा रही है। हैनिश ने कहा कि जर्मनी के राजदूत प्रोजेक्ट की प्रगति से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हो गया है।
वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट के खास जानकारी
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देश की पहली वॉटर मेट्रो को चलाने में 819 करोड़ रु. की लागत आने का अनुमान, 76 किलोमीटर की दूरी में चलेंगी नौकाएं, नौकाओं के 15 रूट तैयार किए जाएंगे, दो तरह की नाव में सफर करेंगे यात्री, चार कंपनियों को नाव बनाने का ठेका दिया गया है।
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केएमआरएल के डायरेक्टर एपीएम हैनिश का कहना है कि वॉटर स्टेशन तक पहुंचने के लिए बनाई जाने वाली सड़कों पर हमारा ध्यान है। पहले हम इन सड़कों को चौड़ा करेंगे। इससे द्वीपों पर रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। वॉटर मेट्रो से द्वीपों पर रहने वाले करीब एक लाख लोगों को फायदा होगा।
हैनिश ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हो गया है। वर्तमान में योजना के अनुसार इस प्रोजेक्ट में दो तरह की नाव होंगी। इन्हें फाइबर रेनफोर्स्ड प्लास्टिक से बनाया जाएगा। ये नाव इको-फ्रेंडली होंगी और बैटरी से चलेंगी। ये नौकाएं एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक चलेंगी। केएमआरएल ने चार कंपनियों को नौकाएं बनाने का ठेका दिया है।