फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आग उगल रहा 'सूरज': 1877 के बाद से भारत में फरवरी सबसे गर्म, मौसम विभाग ने कहा- आने वाले महीने और झुलसाएंगे

Tue, 28 Feb 2023 09:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईएमडी के हाइड्रोमेट और एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज के प्रमुख एस सी भान ने मौसम की दशाओं को लेकर जानकारी दी। 
विज्ञापन
1 of 4
गर्मी - फोटो : अमर उजाला
इस साल अभी से गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। जहां हर साल फरवरी में लोगों को ठंड का अहसास होता था, वहीं इस बार सूरज आसमान से आग उगल रहा है। इस बीच, भारत में 1877 के बाद से इस साल का सबसे गर्म महीना फरवरी दर्ज किया गया। मौसम विभाग मे मंगलवार को ग्लोबल वार्मिंग से जोड़ते हुए यह जानकारी दी। मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी में भारतीय क्षेत्र का औसत अधिकतम मासिक तापमान बढ़कर 29.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। 
विज्ञापन

2 of 4
टूटा गर्मी का रिकॉर्ड - फोटो : अमर उजाला
आने वाले महीने और झुलसाएंगे
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को अगले महीने यानी मार्च को लेकर भी संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा कि मार्च में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम हो सकता है। 

आईएमडी के हाइड्रोमेट और एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज के प्रमुख एस सी भान ने मौसम की दशाओं को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मार्च में लू की संभावना कम है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल और मई में मौसम की चरम स्थिति लोगों को परेशानी में डालेगी। 
विज्ञापन

3 of 4
दिल्ली में गर्मी से परेशान लोग - फोटो : अमर उजाला
फरवरी हुई गर्म
इस दौरान फरवरी में गर्मी को लेकर कहा कि इस साल फरवरी में  मासिक औसत अधिकतम तापमान 1877 के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, 1901 के बाद से इस फरवरी के दौरान भारतीय क्षेत्र में मासिक औसत न्यूनतम तापमान पांचवीं बार सबसे अधिक दर्ज किया गया। 

इस दौरान भान ने ग्लोबल वार्मिंग को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के दौर में रह रही है। हम रोज गर्म होती दुनिया में रह रहे हैं। 
विज्ञापन

4 of 4
फरवरी में मई वाली गर्मी - फोटो : सोशल मीडिया
मार्च में बारिश का औसत सामान्य रहने की उम्मीद 
भान ने कहा कि देश भर में बारिश का औसत मार्च में सामान्य (लंबी अवधि के औसत का 83-117 प्रतिशत) रहने की संभावना है। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर मार्च के दौरान पूरे देश में वर्षा का एलपीए लगभग 29.9 मिमी है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ अलग-थलग इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें