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Shraddha Murder Case: श्रद्धा मर्डर केस में पुलिस को अब तक कितने सबूत मिले, क्या अब आफताब को हो सकती है फांसी?

Sat, 19 Nov 2022 05:12 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सवाल है कि क्या अब तक सबूतों के आधार पर आफताब को कितनी सजा हो सकती है? पुलिस ने अब तक क्या-क्या सबूत जुटा लिए हैं? क्या इन सबूतों की बदौलत आफताब को फांसी हो सकती है? अभी पुलिस के हाथ क्या सबूत लगने बाकी हैं? आइए जानते हैं...
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श्रद्धा मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हत्या का आरोपी आफताब बार-बार बयान बदल रहा है। श्रद्धा के परिवार ने हत्या के आरोपी आफताब को फांसी देने की मांग की है। ऐसे में सवाल है कि क्या अब तक सबूतों के आधार पर आफताब को कितनी सजा हो सकती है? पुलिस ने अब तक क्या-क्या सबूत जुटा लिए हैं? क्या इन सबूतों की बदौलत आफताब को फांसी हो सकती है? अभी पुलिस के हाथ क्या सबूत लगने बाकी हैं? आइए जानते हैं...
 
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आरोपी आफताब को जंगल में लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : एएनआई
अब तक पुलिस के हाथ कौन-कौन से सबूत लगे? 

1. 13 से ज्यादा हड्डियां बरामद : आफताब के निशानदेही पर छतरपुर और महरौली के जंगल से अब तक 13 से ज्यादा हड्डियां बरामद हुई हैं। इनकी जांच भी हो चुकी है। ये इंसान की हड्डियां ही हैं। अब इसका डीएनए टेस्ट और पोस्टमार्टम होगा। पुलिस को अभी श्रद्धा का सिर व धड़ नहीं मिला है। 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
2. सीसीटीवी फुटेज में बैग लटकाए दिखा आरोपी: पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। इसमें आरोपी कैद हुआ है। बताया जाता है कि आरोपी आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के दो दिन बाद शव के टुकड़े किए थे। आफताब ने कुछ टुकड़े उसी दिन शाम 4:30 से 7:30 बजे के बीच जंगल में फेंक दिया था। जबकि सिर, धड़ और हाथ-पैरों की उंगलियों को फ्रिज में रखा था। इन टुकड़ों को 18 अक्तूबर को यानी करीब पांच महीने बाद जंगल में फेंका था। इसका सीसीटीवी पुलिस को मिल गया है। इसमें वह बैग लटकाए हुए दिख रहा है। 

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श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
3. बाथरूम में खून के धब्बे मिले: आफताब के बाथरूम में कुछ जगहों पर खून के धब्बे भी मिले हैं। अब पुलिस इसकी जांच कर रही है। इसके अलावा जिस फ्रिज में श्रद्धा के शव के टुकड़ों को रखा गया था, वो भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। 

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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
4. श्रद्धा के अकाउंट से पैसे ट्रांसफर हुए: आफताब ने श्रद्धा के अकाउंट से 55 हजार रुपये खुद के खाते में ट्रांसफर किए थे। इसकी डिटेल भी पुलिस को मिल चुकी है। पुलिस के अनुसार, इन्हीं पैसों से श्रद्धा के शव को ठिकाने लगाने के लिए आफताब ने परफ्यूम व अन्य चीजें खरीदी थीं। 

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हत्यारोपी आफताब और मृतका श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
5. इंटरनेट के सर्च हिस्ट्री से भी काफी चीजें मिलीं: आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसे ठिकाने लगाने के लिए इंटरनेट पर काफी कुछ सर्च किया था। इसमें उन एसिड के बारे में भी पता लगाया था, जिसके जरिए खून के धब्बे मिट सकते थे। इसका प्रयोग करके आफताब ने फ्रिज से खून के धब्बे साफ किए थे। इसके अलावा बाथरूम में भी इसका प्रयोग किया था। 

 
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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
6. घर से हथियारनुमा चीज मिली: पुलिस को आरोपी आफताब के घर से एक नुकीला हथियार मिला है। पुलिस को शक है कि इसी के जरिए शव के टुकड़े किए गए थे। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने घर से तमाम कपड़े भी बरामद किए हैं। गुरुग्राम में जहां आफताब नौकरी करता था, वहां से एक काली पॉलीथिन भी बरामद हुई है। बताया जाता है कि इसमें पुलिस को हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। 

 

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Shraddha Murder Case - फोटो : अमर उजाला
7. डॉक्टर की गवाही होगी अहम: श्रद्धा हत्याकांड में दो डॉक्टरों की गवाही भी अहम होगी। इसमें एक डॉक्टर वह हैं, जिन्होंने श्रद्धा का कुछ महीनों पहले इलाज किया था। पुलिस के मुताबिक, आफताब हमेशा श्रद्धा को मारता-पीटता था। एक बार श्रद्धा को तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था। अस्पताल में आफताब ने खुद को श्रद्धा का पति बताया था। इसके अलावा दूसरे डॉक्टर वह हैं, जिन्होंने आफताब के चोट का इलाज किया था। बताया जाता है कि जब आफताब श्रद्धा के शव के टुकड़े कर रहा था, उस वक्त उसके हाथों में भी चोट लगी थी। जिसका इलाज कराने के लिए वह डॉक्टर के पास गया था। अब इन दोनों डॉक्टरों की गवाही इस मामले में अहम होगी। 

 

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श्रद्धा के चेहरे पर चोटों के निशान - फोटो : अमर उजाला
8. श्रद्धा के दोस्तों की भी गवाही: श्रद्धा ने आफताब के बारे में अपने कई दोस्तों को बताया था। आफताब हमेशा श्रद्धा को मारता-पीटता था। एक दोस्त को तो श्रद्धा ने यहां तक बताया था कि उसे आफताब मार डालेगा। श्रद्धा की कुछ पुरानी तस्वीरें भी इस मामले में अहम सबूत के तौर पर पेश होंगे। जिनमें उसे चोट लगी है। 

 

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Shraddha Murder Case - फोटो : अमर उजाला
9. दोस्तों के साथ चैटिंग भी सबूत: आफताब ने कई बार श्रद्धा को बुरी तरह से पीटा था। श्रद्धा ने इसकी जानकारी अपने दोस्तों और ऑफिस में टीम लीडर को दी थी। श्रद्धा ने बताया था कि उसे आफताब ने इस कदर मारा है कि वह उठ भी नहीं पा रही है। उसका बीपी भी लो हो गया है। व्हाट्सएप और मैसेंजर चैटिंग में ये सारे मैसेज सेव हैं। श्रद्धा ने अपने दोस्तों को कुछ तस्वीरें भी भेजी थीं, जिसमें उसे गंभीर चोट लगी है। अब पुलिस इन चैट्स को आफताब के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश करेगी। 
 

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आरोपी आफताब ने इसी फ्रिजर का किया इस्तेमाल - फोटो : अमर उजाला
इन सबूतों को जुटाना जरूरी 
अभी तक पुलिस को वह हथियार नहीं मिला है, जिससे श्रद्धा के शव के टुकड़े किए गए थे। इसके अलावा श्रद्धा का मोबाइल फोन, उसके और आफताब के खून से सने कपड़े की बरामदगी भी नहीं हो पाई है। इसके अलावा जिस कटर से श्रद्धा के शव के टुकड़े किए थे उसे दिल्ली के कूड़ेदान में फेंक दिया। खून से सने कपड़ों को दिल्ली नगर निगम की कूड़े वाली गाड़ी में फेंक दिया था। 

नार्को टेस्ट से होगा बड़ा खुलासा? 
पुलिस ने दिल्ली की एक अदालत से आरोपी आफताब के नार्को टेस्ट की मंजूरी ले ली है। बताया जाता है कि इसके जरिए पुलिस अहम सबूत जुटाने में कामयाब होगी। 
 

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आरोपी आफताब - फोटो : सोशल मीडिया
तो क्या कोर्ट में आफताब के गुनाहों को साबित कर पाएगी पुलिस? 
इसे समझने के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय से बात की। उन्होंने कहा, 'धीरे-धीरे आफताब के खिलाफ कड़े सबूत मिलने लगे हैं। श्रद्धा के दोस्तों की गवाही, श्रद्धा के पुराने चैट्स और फोटो, डॉक्टरों की गवाही और सीसीटीवी फुटेज से कहानी काफी हद तक साफ हो जाएगी। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने शव के कई टुकड़े बरामद किए हैं। ये तो तय है कि वो टुकड़े इंसान के हैं, अब पुलिस उसका डीएनए टेस्ट कराएगी। अगर डीएनए से साबित होता है कि बरामद हड्डियां श्रद्धा की हैं, तो आफताब की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। क्योंकि उसके जंगल जाने का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल चुका है।'

उन्होंने कहा, 'हालांकि, अभी तक पुलिस ने वो हथियार बरामद नहीं किया है, जिससे उसके शव के टुकड़े किए गए थे। श्रद्धा का मोबाइल भी नहीं मिला है। वो कपड़े भी ढूंढना जरूरी है, जिसे पहनकर आफताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़े किए थे। जो उसके खिलाफ एक अहम सबूत साबित हो सकते हैं।'

चंद्र प्रकाश पांडेय का कहना है, 'कोर्ट में श्रद्धा के दोस्तों की गवाही, डिजिटल सबूत, श्रद्धा के माता-पिता और पड़ोसियों की गवाही के काफी मायने हैं। इससे पुलिस श्रद्धा और आफताब के रिश्तों में आई कड़वाहट की कड़ी को मजबूती से पेश कर सकती है। श्रद्धा ने अपने दोस्तों से आफताब के बारे में बताया था। आफताब से लड़ाई झगड़े और मारपीट की बात भी शेयर की थी। इसके अलावा पड़ोसी भी दोनों के झगड़ों की आवाज को तस्दीक कर सकते हैं।'

उन्होंने कहा, 'श्रद्धा को आखिरी बार आफताब के साथ ही देखा गया था। उसके अकाउंट से ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। श्रद्धा के खाते से निकाला गया पैसा आफताब के खाते में गया था, वो भी उसके मरने के बाद। ऐसे में ये आफताब के खिलाफ काफी मजबूत सबूत होगा। श्रद्धा को मारने के बाद आफताब ने लंबे समय तक उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स हैंडल किए। उसके दोस्तों से बात की। फिर अचानक उसके गायब होने की बात भी किसी को नहीं बताई। पुलिस दोनों के मोबाइल लोकेशन को भी मैच करेगी। इससे साबित होगा कि दोनों उस वक्त एक ही जगह थे। ये सब बातें आफताब के खिलाफ कोर्ट में रखी जाएंगी।'

चंद्र प्रकाश पांडेय कहते हैं, 'ये केस रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है। ऐसे में पुलिस को हर एक कड़ी को बहुत ही गंभीरता से जोड़ना होगा। हर उन बिंदुओं का जवाब ढूंढना होगा, जो कोर्ट में उठ सकता है। जिसके जरिए आफताब के वकील उसे बेगुनाह साबित करने की कोशिश कर सकते हैं।'
 
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आरोपी आफताब - फोटो : सोशल मीडिया
तो क्या आफताब को फांसी की सजा मिल सकती है? 
इलाहाबाद हाईकोर्ट के क्रिमिनल मामलों के एडवोकेट आजाद सिंह से हमने यही सवाल पूछा। उन्होंने कहा, 'हत्या मामले में किसी मुजरिम को तभी फांसी की सजा सुनाई जाती है जब मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर का हो। इस कारण सजा पर बहस के दौरान एक तरफ जहां सरकारी पक्ष मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में लाने की कोशिश करती है वहीं बचाव पक्ष की यह कोशिश होती है कि वह मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में न आने दे।'
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