भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीसीआई) ने चेतन शर्मा की अगुआई वाली चयन समिति को बर्खास्त कर दिया है। पिछले कुछ टूर्नामेंट में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन को लेकर यह फैसला लिया गया है। अब बीसीसीआई ने नई चयन समिति के लिए आवेदन भी मंगवाए हैं। साथ ही बोर्ड ने यह भी साफ कह दिया है कि जो भी नई चयन समिति होगी उसे तीनों फॉर्मेट में अपना कप्तान चुनना होगा। इसका मतलब साफ है कि बीसीसीआई अब स्प्लिट कैप्टेंसी की ओर रुख कर रहा है।
बीसीसीआई ने चयनकर्ताओं के लिए आठ "मुख्य कार्य कर्तव्यों/जिम्मेदारियों" को सूचीबद्ध किया है। वे इस प्रकार हैं:
1. निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सर्वश्रेष्ठ टीम का चयन करें।
2. सीनियर मेन्स नेशनल टीम के लिए एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ की योजना बनाएं और तैयार करें।
3. आवश्यकता पड़ने पर टीम मीटिंग में हिस्सा लें।
4. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैच देखने के लिए यात्रा करें।
5. हर तीन महीने पर बीसीसीआई की अपेक्स काउंसिल को टीम के प्रदर्शन की रिपोर्ट भेजें।
6. बीसीसीआई द्वारा निर्देश दिए जाने पर टीम चयन पर मीडिया को संबोधित करें।
7. हर एक फॉर्मेट में टीम के लिए कप्तान नियुक्त करें।
8. बीसीसीआई के नियमों और विनियमों का पालन करें।
नए चयकर्ताओं के रोल के लिए की-नोट; इसके सातवें पॉइंट में नए कप्तान को लेकर बात कही गई है।