नूरपुर के करीब आधा दर्जन गांव मंगलवार को मातम में डूबे रहे। ठेहड़, खुआड़ा, सुल्याली, फंगोता, हारगतला और लखनाहट आदि गांवों में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। सोमवार शाम से इन गांवों में किसी भी परिवार के लोगों ने अन्न ग्रहण नहीं किया। मासूम बच्चों की मौत के गम में हर किसी की आंख नम थी।