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Indians Deportation: 'हथकड़ी और पैरों में जंजीरें...', नागपुर के शख्स ने सुनाई अमेरिका से निर्वासन की कहानी

Fri, 07 Feb 2025 09:59 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नागपुर

सार

दरअसल, बुधवार को 104 अवैध अप्रवासियों को लेकर अमेरिकी सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था। इनमें हरियाणा और गुजरात से 33-33, पंजाब से 30, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तीन-तीन और चंडीगढ़ से दो लोग शामिल हैं।
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US - फोटो : PTI
महाराष्ट्र में नागपुर निवासी और अमेरिका से निर्वासित 104 भारतीयों में से एक हरप्रीत सिंह लालिया ने अपनी दर्द भरी कहानी बयां की है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीरें बांधकर अपमानजनक तरीके से वापस भेजा गया है। लालिया ने बताया कि उन्होंने कनाडा जाने की योजना बनाई थी, लेकिन उसके एजेंट की गलती ने उसके सपने को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मैंने बैंकों और रिश्तेदारों से 50 लाख रुपये जुटाए थे, जो अमेरिका जाने के लिए इकट्ठा किए गए थे। इसके अलावा मुझे अमेरिका पहुंचने के लिए कठिन यात्राएं करनी पड़ीं और हर कदम पर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।
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US - फोटो : PTI
दरअसल, बुधवार को 104 अवैध अप्रवासियों को लेकर अमेरिकी सेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था। इनमें हरियाणा और गुजरात से 33-33, पंजाब से 30, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तीन-तीन और चंडीगढ़ से दो लोग शामिल हैं।

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US - फोटो : PTI
लालिया ने संवाददाताओं को बताया, 'मैं कनाडा के वीजा पर गया था। मैंने 5 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू की। अगले दिन अबू धाबी से मेरी कनेक्टिंग फ्लाइट थी, लेकिन मुझे उसमें चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद मैं दिल्ली लौट आया और आठ दिनों तक वहीं रहा। फिर मुझे मिस्र के काहिरा के लिए एक फ्लाइट में बैठाया गया, जहां से मुझे स्पेन होते हुए कनाडा के मॉन्ट्रियल जाना था। चार दिनों तक स्पेन में रहने के बाद मुझे ग्वाटेमाला, फिर वहां से निकारागुआ, आगे होंडुरास और मैक्सिको और फिर अमेरिकी सीमा पर भेज दिया गया।'

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US - फोटो : PTI
लालिया ने दावा किया कि मैंने कुल 49.5 लाख रुपये खर्च किए। यह पैसा बैंकों से कर्ज के तौर पर और दोस्तों और रिश्तेदारों से लिया गया था। मैं कनाडा के वीजा पर गया था और उस देश में काम करना चाहता था। हालांकि, मेरे एजेंट की गलती के कारण मुझे यह तकलीफ झेलनी पड़ी।
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विदेश मंत्री जयशंकर - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्हें मैक्सिको में माफियाओं ने पकड़ लिया और 10 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद घंटों तक पहाड़ी चढ़ाई करनी पड़ी। फिर अमेरिकी सीमा तक उन्हें 16 घंटे की कठिन पैदल यात्रा भी करनी पड़ी। लालिया ने बताया कि उन्हें और 103 अन्य लोगों को एक स्वागत केंद्र में ले जाया गया और फिर हथकड़ी और पैरों में जंजीरें डालकर अमेरिकी विमान में बिठाया गया। 
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