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Indians Deported From US: 15 साल में अमेरिका से कितने भारतीयों को वापस भेजा गया? देखें हैरान करने वाले आंकड़े

Fri, 07 Feb 2025 08:59 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है कि निर्वासित किए जा रहे भारतीयों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। संसद के दोनों सदनों में दिए अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि निर्वासन की प्रक्रिया कोई नई नहीं है। कई वर्षों से चल रही है। दरअसल, अमेरिका में कथित तौर पर बिना दस्तावेजों के रह रहे 104 भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया।
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अमेरिका वापस भेजे गए भारतीयों का आंकड़ा - फोटो : Amar Ujala
अमेरिका की ओर से 100 से अधिक अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस भेजे जाने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में बयान दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से की गई ऐसी कार्रवाई कोई नई नहीं है। उन्होंने पिछले 15 वर्षों में वापस भेजे गए भारतीयों के आंकड़ों का भी खुलासा किया। मंत्री ने राज्यसभा को बताया कि 2009 से अब तक कुल 15,756 अवैध भारतीय अप्रवासियों को अमेरिका से वापस भारत भेजा गया है।
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विदेश मंत्री जयशंकर - फोटो : Amar Ujala
जयशंकर ने कहा, 'हम निश्चित तौर पर अमेरिकी सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं कि वापस आ रहे भारतीयों के साथ उड़ान के दौरान किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया जाए।' उन्होंने कहा कि साथ ही सदन इस बात की सराहना करेगा कि हमारा ध्यान वैध यात्रियों के वीजा को आसान बनाने के लिए कदम उठाते समय अवैध आव्रजन उद्योग पर कड़ी कार्रवाई पर भी होना चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
जयशंकर ने कहा कि अमेरिका से भारतीयों को निर्वासित किए जाने की प्रक्रिया नई नहीं है और यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेशों में अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें वापस लें। विदेश मंत्री ने कहा, 'माननीय सदस्य जानते हैं कि लोगों के बीच परस्पर आदान-प्रदान अमेरिका के साथ हमारे गहरे संबंधों का आधार है। वास्तव में किसी भी अन्य रिश्ते की तुलना में गतिशीलता और प्रवासन ने गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'

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विपक्ष का प्रदर्शन - फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि सदन सरकार के दृष्टिकोण को भी साझा करेगा कि वैध आवागमन को प्रोत्साहित करना और अवैध प्रवासन को रोकना हमारे सामूहिक हित में है। जयशंकर का कहना था, 'वास्तव में, अवैध आवागमन और प्रवासन में कई अन्य संबंधित गतिविधियां शामिल हैं, जो गैरकानूनी भी हैं। इसके अलावा, हमारे नागरिक जो अवैध रूप से आवागमन में संलिप्त होते हैं, वे स्वयं अन्य अपराधों का शिकार हो जाते हैं। इस क्रम में ये सभी अमानवीय परिस्थितियों के शिकार हो जाते हैं।'
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Jaishankar - फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि इस तरह के अवैध प्रवासन के दौरान दुर्भाग्य से मौतें भी हुई हैं तथा जो लोग लौट आए, उन्होंने अपने कष्टप्रद और भयावह अनुभवों को साझा किया है। विदेश मंत्री ने कहा, 'अगर वे विदेश में अवैध रूप से रहते हुए पाए जाते हैं तो यह सभी देशों का दायित्व भी बनता है कि वे अपने नागरिकों को वापस लें। यह स्वाभाविक रूप से उनकी राष्ट्रीयता के स्पष्ट सत्यापन पर आधारित है। यह नीति किसी एक विशिष्ट देश पर लागू नहीं होती, और ना ही केवल भारत द्वारा इसका अनुसरण किया जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक सामान्य सिद्धांत है।'
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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एएनआई
जयशंकर ने अमेरिका से अब तक भारत निर्वासित किए गए लोगों के आंकड़े भी सदन के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि साल 2009 में 734, साल 2010 में 799, साल 2011 में 597, साल 2012 में 530 भारतीयों को निर्वासित किया गया। उन्होंने इस संबंध में 2024 तक के आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार, अमेरिका से निर्वासन को आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारियों दवारा आयोजित और निष्पादित किया जाता है।
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डॉ. एस. जयशंकर, भारतीय विदेश मंत्री - फोटो : ANI
विदेश मंत्री ने दोनों सदनों को बताया, 'हमें सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों पर रोक नहीं लगाई गई है। इसके अलावा पारगमन के दौरान भोजन और संभावित चिकित्सा आपात स्थितियों सहित अन्य आवश्यकताओं से संबंधित निर्वासित लोगों की जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है। विमान द्वारा निर्वासन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया संयम के उपयोग पर बल देती है। हालांकि, हमें सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों को रोका नहीं गया है।'
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Jaishankar - फोटो : ANI
उन्होंने कहा, 'टॉयलेट ब्रेक के दौरान जरूरत पड़ने पर निर्वासित लोगों को रोका नहीं जाता है। यह चार्टर्ड असैन्य विमानों के साथ-साथ सैन्य विमानों पर भी लागू होता है। 5 फरवरी, 2025 को अमेरिका द्वारा लाए गए विमान में पिछली प्रक्रियाओं से कोई बदलाव नहीं किया गया है। निःसंदेह, हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि लौटने वाले निर्वासित लोगों के साथ उड़ान के दौरान किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।'
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