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होली पर जवां हो जाती थीं आरके स्टूडियो की यादें, राजकपूर के बुलावे का नीरज को रहता था इंतजार

Thu, 19 Jul 2018 09:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
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नीरज ने फिल्मी दुनिया में जो समय गुजारा उसमें उन्होंने ग्रेट शोमैन राजकपूर के साथ भी काम किया। आरके स्टूडियो की होली की उस जमाने में बड़ी धूम रहती थी। नीरज को खास बुलावा आता। यही कारण था कि प्रत्येक होली पर नीरज की आरके स्टूडियो से जुड़ी यादें जवां हो जाया करती थीं।
 
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गोपाल दास नीरज
ऐसी ही आरके स्टूडियो की होली को याद करते हुए नीरज ने बताया था कि एक वक्त था जब मुंबई में होली के मौके पर सभी को ग्रेट शो मैन राजकपूर के आरके स्टूडियो से होली के बुलावे का इंतजार रहता था। वह वक्त कुछ और ही था। राजकपूर के साथ उनकी फिल्मों के नायक नायिकाएं, गीतकार, संगीतकार, फिल्म जगत की नामी हस्तियां होली पर वहां मौजूद रहती थीं।  
 
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gopaldas neeraj
ऐसी ही एक होली थी जिसमें एक तरफ ठंडाई तैयार हो रही थी। शंकर जयकिशन, मुकेश, राजू कर्माधर, राजेंद्र कुमार, प्रेमनाथ आदि मौजूद थे। जीनत अमान और बैजयंती माला रंगों से सराबोर थीं। स्टूडियो में एक बड़ा तालाबनुमा हौद था जिसमें रंग का पानी डला था। इसमें डुबोना अनिवार्य शर्त हुआ करती थी। 

 

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गोपालदास नीरज - फोटो : SELF
राजकपूर खुद बहुत ही शानदार एकोर्डियन बजाया करते थे। राजकपूर ने उस समय रमैया वस्तावैया गीत की धुन बजाई। शंकर जयकिशन ने उसकी संगत की। इसके बाद दिल का हाल सुने दिल वाला, सीधी सी बात न मिर्च मसाला, आवारा हूं आदि एक से बढ़कर एक धुन बजाई। उस दिन राजकपूर पूरे मूड में थे। मुकेश उनके लिए गीत गा रहे थे। मैं एक साइड में बैठा पूरे नजारे का लुत्फ ले रहा था। तभी मुझे भी पकड़ कर उस हौद में डाल दिया गया। 

 
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गोपाल दास नीरज
बाहर खड़े राजकपूर जोर से हंसने लगे बोले नीरज सभी को कविता के रंग में भिगोते हो खुद रंगों से बचोगे, ऐसा नहीं चलेगा। इसके बाद राजकपूर की फरमाइश पर मैंने उनकी फिल्म आज, कल और कल के लिए लिखे गीत ‘आप यहां आए किस लिए, आपने बुलाया इसलिए’ अपने ही अंदाज में सुनाया। इसके बाद तो सुनने सुनाने का दौर चलता रहा।
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