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एक्सरसाइज सियोम प्रहारः अरुणाचल के दुर्गम इलाकों में सेना का ड्रोन युद्धाभ्यास, भविष्य के युद्ध की तैयारी

Thu, 11 Sep 2025 08:24 PM IST
एन अर्जुन एन. अर्जुन, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

Exercise Siyom Prahar: भारतीय सेना ने भविष्य के युद्ध की तैयारी के मद्देनजर अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में युद्धाभ्यास किया है। इस युद्धाभ्यास को सियोम प्रहार नाम दिया गया है, जिसमें सेना की तरफ से ड्रोन के जरिए युद्ध का अभ्यास कराया गया।
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अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना का ड्रोन युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना ने दो दिन का 'एक्सरसाइज सियोम प्रहार' का सफल आयोजन किया। यह एक महत्त्वपूर्ण फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास था, जिसका उद्देश्य आधुनिक सामरिक अभियानों में ड्रोन तकनीक के प्रयोग को परखना था। इस अभ्यास का नाम सियोम नदी पर रखा गया, यह नदी अरुणाचल प्रदेश में बहती है और ब्रह्मपुत्र नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है।
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अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना का ड्रोन युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि युद्धभूमि जैसी यथार्थ परिस्थितियों में आयोजित इस अभ्यास ने ऑपरेशनल तैयारी में बड़ा कदम आगे बढ़ाया। ड्रोन तकनीक का प्रयोग न केवल निगरानी और टोही कार्यों तक सीमित रहा, बल्कि लक्ष्य पहचान और सटीक हमले तक विस्तारित रहा। इससे यह साबित हुआ कि ड्रोन भविष्य की लड़ाइयों में युद्ध क्षमता को नई दिशा देने वाले होंगे।


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अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना का ड्रोन युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
इस अभ्यास का मुख्य फोकस नए टैक्टिक्स, टेक्निक्स और प्रोसीजर्स (टीटीपीएस) विकसित करना और उनकी वैधता सिद्ध करना था। इनमें ड्रोन से प्राप्त आंकड़ों को पारंपरिक हथियारों के साथ जोड़ना, संयुक्त लक्ष्य साधन की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और बदलती युद्ध परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना शामिल था। इस अभ्यास ने यह भी दर्शाया कि पारंपरिक लड़ाकू बलों और नई तकनीकी क्षमताओं के बीच तालमेल और अनुकूलन कितना आवश्यक है।

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अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय सेना का ड्रोन युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
'सियोम प्रहार' के जरिए भारतीय सेना ने यह दोहराया कि वह सैन्य नवाचार के अग्रणी मोर्चे पर बनी रहेगी। आधुनिक मानवरहित प्रणालियों और परंपरागत युद्ध कौशल को जोड़कर सेना ने भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है।



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अरुणाचल के दुर्गम इलाकों में सेना का युद्धाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
इस अभ्यास से प्राप्त अनुभव भविष्य में अभियानों में ड्रोन और अन्य तकनीकों के और व्यापक इस्तेमाल की राह दिखाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात, 'सियोम प्रहार' ने भारतीय सेना की इस प्रतिबद्धता को रेखांकित किया कि तकनीक के दम पर ऑपरेशनल बढ़त सुनिश्चित कर वह पूरी तरह फ्यूचर-रेडी और कॉम्बैट-कैपेबल बनी रहेगी।
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