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Wayanad Landslide: 167 लोगों की मौत-191 लापता, आपदा ने दिए अंतहीन जख्म; जिंदगी के लिए जद्दोजहद, देखें तस्वीरें

Wed, 31 Jul 2024 07:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड

सार

सीएम पिनरई विजयन ने मंत्रिमंडल की बैठक में वायनाड आपदा में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिले के मुंडक्कई और चूरलमला क्षेत्रों में बेहद बुरा हाल है। ये दोनों क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गए हैं।
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वायनाड में भूस्खलन से तबाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

केरल के वायनाड जिले में प्राकृतिक आपदा के कहर में 167 लोग काल का गाल में समा गए। अब अधिकारियों को उन 191 लोगों की चिंता है, जो इस आपदा में लापता हो गए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन का कहना है कि वायनाड में राहत एवं बचाव कार्य पूरे जोर शोर से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल की धरती में इस तरह की दर्दनाक घटना पहले कभी नहीं हुई। 

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158 पहुंचा मौत का आंकड़ा

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राहत बचाव कार्य जारी - फोटो : PTI

इस बीच वायनाड जिला प्रशासन ने बताया कि इस आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 158 पहुंच गई है।  इससे पहले तिरुवनंतपुरम में सीएम पिनरई विजयन ने कहा था कि अब तक कुल 144 शवों को बरामद कर लिया गया है, जिनमें 79 पुरुष और 64 महिलाएं हैं। सीएम ने कहा था कि अभी भी कुल 191 लोग लापता हैं। दिन की शुरुआत में सीएम विजयन ने मंत्रिमंडल की बैठक में वायनाड आपदा में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिले के मुंडक्कई और चूरलमला क्षेत्रों में बेहद बुरा हाल है। ये दोनों क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। सीएम ने आगे बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बाव कार्य जोर शोर से चल रहे हैं। 

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1,592 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

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देवदूत बने सेना के जवान - फोटो : PTI

सीएम विजयन ने कहा, ‘दो दिनों के भीतर कुल 1,592 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। राहत और बचाव कार्य के पहले चरण में 68 परिवारों के 206 लोगों को तीन शिविरों में पहुंचाया गया। इनमें 75 पुरुष, 88 महिलाएं और 43 बच्चे शामिल हैं।’ सीएम विजयन के अनुसार, इसके बाद दूसरे चरण में लापता हुए और अपने घरों में फंसे 1,386 लोगों को बचाया गया। इनमें कुल 528 पुरुष, 559 महिलाएं और 299 बच्चे शामिल हैं। इन सभी को सात शिविरों में पहुंचाया गया है। इसके अलावा 201 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से 90 लोगों का इलाज अभी भी जारी है। 

राहत-बचाव कार्यों में जुटे सेना के जवान

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सेना के हेलीकॉप्टर भी राहत-बचाव में जुटे - फोटो : PTI

सीएम पिनरई विजयन का कहना है कि वायनाड जिले में मौजूदा समय में 82 राहत शिविरों में कुल 8,017 लोग रह रहे हैं, जिनमें 19 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। मेप्पाडी में आठ राहत शिविरों में 421 परिवारों के 1,486 लोग रह रहे हैं। इस बीच थल सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ के जवान लगातार लोगों की बचाने में मुहिम में जुटे हैं। जो घर मलबे में दब गए हैं, वहां से बड़े बड़े पत्थरों को हटाया जा रहा है। सेना का कहना है कि जहां जवानों को तैनात किया गया है, वहां मंगलवार रात तक एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उधर, भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से प्रभावित इलाकों में आसमान से नजर रखी जा रही है।   

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मुंडक्कई में मची भारी तबाही

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हर तरफ तबाही का मंजर - फोटो : PTI

वायनाड में पहला भूस्खलन मंगलवार की रात दो बजे आया। इसके बाद सुबह चार बजकर 10 मिनट पर दूसरा भूस्खलन आया। जिस दौरान लोग अपने घरों में चैन की नींद सो रहे थे, उस दौरान बारी तबाही मचने से अधिकतर लोगों की मौत हुई। आपदा के बाद हर तरफ भयावह दृश्य नजर आ रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों के दौरान तबाह हुए घरों को देखा गया। मुंडक्कई में सबसे अधिक तबाही मची है।  

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