प्रतीकात्मक तस्वीर
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इंसानों के रहने के तरीके में भी बहुत बदलाव हुआ है। दुनिया की करीब 55 फीसदी आबादी शहरों में रहती है। जो कि बीते 50 साल में 35 फीसदी बढ़ी है। इन तेजी से बढ़ते शहरों ने वन्य जीवों को नया घर प्रदान किया है। चूहे, चूहे रकून, गिलहरी, लोमड़ी, पक्षी, गीदड़, बंदर जैसे जीव अब इंसानों के साथ हरी जगहों जैसे पार्क और बगीचों में नजर आते हैं। उनके खाने-पीने का इंतज़ाम इंसानों द्वारा छोड़े गए या फेंके गए खाने से हो जाता है। कई ऐसे उदाहरण हैं जिसमें ये वन्य जीव जंगलों की तुलना में शहरों में ज़्यादा सफल जीवन जीने में कामयाब रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण ये है कि शहरों में इन्हें आसानी से खाना मिल जाता है लेकिन ये ही वो कारक भी हैं जो बीमारियों को जन्म देने का काम करते हैं।