ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के मुद्दे पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को एक बार फिर अराजकता हावी रही। ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों की अगुवाई में छात्रों ने जमकर हंगामा किया।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी कार्यालय बंद करा दिए। चीफ प्रॉक्टर ऑफिस का गेट भी तोड़ दिया। कुलपति दफ्तर पर पहुंचे छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तनाव बढ़ता देख पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें तीन छात्रों को गंभीर रूप से चोट लगी है।
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कुलपति दफ्तर पर धरना दे रही छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह और महामंत्री सिद्धार्थ सिंह गोलू सहित कई को हिरासत में लेकर थाने ले गई। हालांकि कुछ देर बाद ही वे सभी थाने से लौट आए और कुलपति दफ्तर के सामने दोबारा धरने पर बैठ गए।
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हालांकि लाठीचार्ज की घटना तब हुई जब छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह वहां मौजूद नहीं थीं। लाठीचार्ज के दौरान परिसर के बाहर बम भी फटा। लाठीचार्ज से परिसर के अलावा आसपास के इलाके में भी दहशत और तनाव की स्थिति रही। देर रात धरना खत्म हुआ। इस बीच परिसर में गतिरोध बना रहा।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
उधर, कुलपति के समर्थन में भी छात्र-छात्राओं के एक गुट ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। इससे तनाव और बढ़ गया था। इसके मद्देनजर परिसर तथा आसपास के इलाके में भारी फोर्स तैनात रही।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में छात्रों का जमावड़ा हुआ। छात्रसंघ भवन से शुरू करके विवि परिसर में जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने कुलपति, प्रशासनिक भवन, परीक्षा विभाग, डीएसडब्ल्यू, चीफ प्रॉक्टर, सीपीआईओ समेत सभी कार्यालय बंद करा दिए।
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ज्यादातर कार्यालयों में उन्होंने खुद का ताला भी लगा दिया। इससे विश्वविद्यालय में सभी काम ठप रहे। सबसे अधिक परेशानी परीक्षा कराने को लेकर रही। ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प देने समेत कई मांगों को लेकर उन्होंने कुलपति दफ्तर पर धरना शुरू कर दिया।
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छात्र कुलपति को वार्ता के लिए बुलाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर तनाव बढ़ता गया। धीरे-धीरे परिसर में फोर्स भी बढ़ती गई। विश्वविद्यालय और पुलिस के अफसरों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
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लाठीचार्ज और भगदड़ में समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव राघवेंद्र यादव, अजीत यादव विधायक, मोहम्मद जावेद समेत कई छात्रों को चोट लगी है। अजीत के सिर और हाथ में काफी चोट लगी है। पुलिस कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर ले गई। कुछ देर के लिए धरना स्थल से हटीं ऋचा सिंह भी बाद में मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने फिर से धरना शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस उन्हें भी उठा ले गई।
कर्नलगंज थाने पर फिर छात्रों का जमावड़ा हुआ। थाने पर हंगामे के बाद छात्र तीनों छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में फिर कुलपति दफ्तर पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान एसएसपी समेत कई अन्य अफसर भी पहुंचे। उन्होंने कुलपति से वार्ता भी की। तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय के साथ जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों के नेतृत्व में भारी फोर्स तैनात रही।