#जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी के बाद भारत ने दिया कड़ा जवाब
#भारत दौरे पर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, आतंकवाद और सुरक्षा पर होगी बात
#पाक आर्थिक गलियारे पर बढ़े सुरक्षा खर्च से चीन की बढ़ी चिंता
#राजधानी में घातक होते चिकनगुनिया से तीन और मौत, जानिए क्या है ये बीमारी
#बंदर पढ़ेंगे दिमागी सिग्नल, करेंगे अंग्रेजी में टायपिंग
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जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी के बाद भारत ने दिया कड़ा जवाब
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जम्मू-कश्मीर के हालात पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त की टिप्पणी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि आतंकियों की करतूत मानवाधिकार का सबसे बड़ा उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कमिश्नर (यूएनएचआरसी) को भ्रामक जानकारियां मिल रही हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक कश्मीर में भेजे गए निष्पक्ष और समग्रता से विश्लेषण करनेवाले पर्यवेक्षक को यह बात समझनी होगी कि आतंकवाद इंसानियत और मानवाधिकार का सबसे बड़ा दुश्मन है।
गौरतलब है कि यूएनएचआरसी ने कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के हालात का जायजा लेने संबंधी बयान जारी किया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान कश्मीर के जटिल हालात का फायदा उठाने के मकसद से इसे हवा दे रहा है।
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भारत दौरे पर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, आतंकवाद और सुरक्षा पर होगी बात
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- फोटो : getty images
भारत और अफगानिस्तान के बीच प्रत्यर्पण संधि पर बुधवार को सहमति की मुहर लग जाएगी। द्विपक्षीय वार्ता के लिए बुधवार को भारत पहुंच रहे अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
वार्ता के बाद प्रत्यर्पण संधि सहित दोनों देशों के बीच रक्षा सौदा करार पर मुहर लगने की उम्मीद है। मोदी-गनी की मुलाकात में आतंकवाद और अफगानिस्तान की सुरक्षा पर व्यापक बातचीत होगी। गौरतलब है कि कैबिनेट ने बीते दिनों दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि पर सहमति की मुहर लगाई है।
पाक आर्थिक गलियारे पर बढ़े सुरक्षा खर्च से चीन की बढ़ी चिंता
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सीपीईसी
पीओके से होकर गुजरने वाले चीन-पाक आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के निर्माण कार्य पर सुरक्षा को लेकर बढ़े खर्च से चीन की चिंता बढ़ गई है। चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को कहा कि 46 अरब डॉलर की यह महत्वाकांक्षी परियोजना दोनों देशों के लिए आसान नहीं होगी।
ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित लेख में कहा गया कि क्षेत्रीय जटिलता के कारण पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने वाली इस परियोजना के लिए सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है।
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राजधानी में घातक होते चिकनगुनिया से तीन और मौत, जानिए क्या है ये बीमारी
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ट्रांसफार्मर एक माह से खराब।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में चिकनगुनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और घातक भी होता जा रहा है। राजधानी में चिकनगुनिया से तीन और मरीजों की मौत का मामला सामने आया है।
दो मरीजों की मौत सर गंगाराम अस्पताल में और एक मौत निगम के बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में हुई है। इससे पहले भी गंगाराम अस्पताल में इस बीमारी से एक मौत हो चुकी है। जबकि डेंगू से आधिकारिक तौर पर इस वर्ष चार मौत हुई है।
वैज्ञानिकों ने दिमागी सिग्नल को पढ़ सकने वाली एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे बंदर भी आसानी से अंग्रेजी में टाइप कर सकते हैं।
इस एडवांस्ड तकनीक के माध्यम से असक्त व्यक्ति भी अन्य लोगों के साथ आसानी से संपर्क बना सकेंगे। स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व शोधार्थी पॉल नूयूजुकियान ने कहा कि इस तकनीक को इंसानों पर प्रयोग किए जाने की पूरी संभावना है।