पूर्व ऑस्ट्रेलिया दिग्गज शेन वॉर्न का आज जन्म दिन है। 13 सितंबर 1969 को जन्में शेन वॉर्न दुनिया के सर्वकालिक महानतम लेग स्पिनर हैं। शेन वॉर्न के नाम टेस्ट क्रिकेट में 708 विकेट दर्ज हैं। उनसे अधिक विकेट सिर्फ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने लिए हैं।
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शेन वॉर्न
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शेनवॉर्न के टेस्ट करियर का आगाज भारत के खिलाफ सिडनी में 2 जनवरी 1992 को हुआ था। उनके लिए वह टेस्ट बेहद खराब साबित हुआ। पहली पारी में उन्होंने अपनी ही गेंद पर रवि शास्त्री का कैच छोड़ दिया था। इसके बाद रवि शास्त्री ने दोहरा शतक जड़ा था। इसी मैच में पहली बार सचिन और वार्न की भिडंत हुई थी। सचिन ने इस मैच में 148 रन बनाए थे। वहीं शेनवॉर्न पूरे मैच में 150 रन देकर महज एक विकेट हासिल कर सके।
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इसके बाद साल 1993 का इंग्लैंड दौरा वॉर्न के करियर का अहम मोड साबित हुआ। इस दौरे की शुरुआत वॉर्न ने ऐसी गेंद से की जिसे बॉल ऑफ द सेंचुरी के नाम से जाना जाता है। इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गेटिंग को उन्होंने लेग स्टंप के बाहर गेंद फेंकी, गेटिंग ने उसे खेलने का प्रयास नहीं किया, वह गेंद सीधे जाकर ऑफ स्टंप की गिल्ली पर लगी, इस गेंद को देखकर हर कोई चकित रह गया। ऐसी ही एक गेंद वॉर्न ने 1999 के विश्वकप सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज हर्शल गिब्स को फेंकी थी, इस गेंद पर गिब्स को भी गेटिंग की तरह भनक नहीं लगी और गेंद लेग स्टंप के बाहर से ऑफ स्टंप पर जा लगी।
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शेन वॉर्न की सबसे पसंदीदा टीम इंग्लैंड रही है। इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली सीरीज में वॉर्न ने 34 विकेट हासिल किए थे। इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वॉर्न ने अपने करियर में इंग्लैंड के खिलाफ 36 टेस्ट मैचों में वॉर्न ने 23.25 की औसत से 195 विकेट हासिल किए। 2005 की ऐशेज सीरीज के दौरान वॉर्न ने 40 विकेट हासिल किए।
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वॉर्न पहली पारी की अपेक्षा टेस्ट की दूसरी पारी में ज्यादा घातक गेंदबाज थे। वॉर्न ने पहली पारी में 64 बार गेंदबाजी की और 230 खिलाड़ियों को पैवेलियन वापस भेजा, वहीं तीसरी और चौथी पारी में वॉर्न ने 129 पारियों में 22.85 की औसत से 359 विकेट हासिल किए जो कि एक रिकॉर्ड है।
शेन वॉर्न ने 1999के विश्वकप में बेहतरीन बॉलिंग का मुजाहिरा पेश किया और सेमीफाइनल और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान को धराशाई कर ऑस्ट्रेलिया को विश्व चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। उस विश्वकप में वॉर्न सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।