बागमती एक्सप्रेस हादसा।
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वहीं उत्तर रेलवे में मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर/सूचना प्रौद्योगिकी के पद से सेवानिवृत्त हुए केपी आर्य ने कहा कि डाटा लॉगर के वीडियो से पता चलता है कि संबंधित ट्रेन मुख्य लाइन के साथ-साथ लूप लाइन दोनों पर जा रही है, जो संभव नहीं है। ऐसी संभावना है कि ट्रेन इंटरलॉकिंग पर पटरी से उतर गई होगी। इसके बाद इंजन और कुछ डिब्बे लूप लाइन की ओर बढ़े और मालगाड़ी से टकरा गए। जबकि शेष डिब्बे इधर-उधर बिखर गए और मुख्य लाइन पर भी आ गये थे।
उन्होंने कहा कि यह पटरियों और इंटरलॉकिंग-प्वाइंट तंत्र में इंजीनियरिंग दोष है, जो इस तरह से ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण बन सकता है। मैं रेलवे बोर्ड और रेलवे सुरक्षा आयुक्त के समक्ष भी इस पहलू को उजागर करता रहा हूं। मैसूर से दरभंगा जा रही बागमती एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के कावरापेट्टई स्टेशन के पास मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में 19 लोग घायल हुए।