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भारत में एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया की तस्वीरें, यहां रहने वाली औरतों का दर्द उससे भी बड़ा

Mon, 04 Jun 2018 08:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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ये तस्वीरें हैं एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया की। एक ऐसी जगह जो जितनी बड़ी है, वहां रहने वाली औरतों का दर्द भी उतना ही बड़ा है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सोनागाछी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एक ऐसी जगह जहां 14 हजार से ज्यादा वेश्याएं रहती हैं। आगे सभी तस्वीरें डेली मेल से।

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कमरों में मेकअप करती महिलाएं, गलियों में खेलते हुए बच्चे और कमरों में इंतजार करती औरतें, सोनागाछी की गलियों का आम नजारा है।

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यहां कई मंजिलों में वेश्यालय चलते हैं। यहां कई वजहों से औरतें खुद भी आती हैं।
 

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तो कई औरतों और लड़कियों को इस धंधे में धकेल दिया जाता है।

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ये एक ऐसी जगह है जहां एक बार औरतों के आने के बाद यहां से निकल पाना बेहद मुश्किल है।
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वहीं सालों से रहने वाली औरतों ने देह व्यापार को ही जिंदा रहने का और इस जगह को जिंदगी बिताने की मंजिल समझ ली है।

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कोलकाता को सिटी ऑफ ज्वॉय बोला जाता है, लेकिन इस जगह पर पसरी रहती है निराशा और औरतों के मनों में उनके बच्चों के लिए आशा कि वो यहां ना रहें और कुछ सही बनें।

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कुछ ऐसा बनें जो सोनागाछी ने ना जुड़ा हो। इस स्लम में 18 साल से कम उम्र की करीब 12 हजार लड़कियां देह व्यापार में शामिल हैं।

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यूं तो वेश्यालयों और वेश्याओं पर कई तरह की फिल्में बन चुकी हैं ।


 

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आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कोलकाता के इस रेडलाइट एरिया को विषय बनाकर एक फिल्म भी बनी है।

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Born Into Brothels नाम की इस फिल्म को ऑस्कर सम्मान भी मिल चुका है।

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इसे बदनसीबी कहना गलत होगा, क्योंकि ये उससे कहीं आगे है।

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जिस उम्र में हमारी मां हमें दुनिया की रीति-रिवाज, लाज-शरम सिखाती हैं वहीं यहां कि बच्चियां खुद को बेचना सीखती हैं।

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12 से 17 साल की उम्र में ये लड़कियां मर्दों के साथ सोना सीख जाती हैं।

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उन्हें खुश करना सीख जाती हैं, जिसके बदले उन्हें दो डॉलर यानि 134 रुपए मिलते हैं।

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इन रूपयों के बदले यहां की औरतें तश्तरी का खाना बनकर मर्दों की टेबल पर बिछ जाती हैं।

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इस स्लम में किसी बाहरी व्यक्ति का आना मना है।

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यहां तक की पत्रकारों और फोटोग्राफरों को भी ये लोग भीतर नहीं आने देते।
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फोटोग्राफर सुजात्रो घोष ने कुछ साल पहले वहां की इन चुनिंदा दृश्यों को अपने कैमरे में कैद किया।
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