पर्यटकों की खुशी का अंदाजा आप इसी तस्वीर से लगा सकते हैं। गुलाबी नगरी के रूप में मशहूर जयपुर को छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। आस्था यहां की संस्कृति का प्रमुख सरोकार है और ये नजारा है प्रसिद्ध गलता मंदिर का।
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पवित्र तीर्थ गलता जयपुर की पहचान है। यह स्थान सात कुंड और अनेक मंदिरों के साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पहचाना जाता है। लेकिन पर्यटकों को तो फोटोशूट का ये मौका भी आनंद दे गया।
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गलता मंदिर ऋषि गालव की तपोस्थली थी। माना जाता है कि यहां ऋषि गालव ने साठ हजार वर्षों तक तपस्या की थी। यही वजह है कि देश-विदेश से लोग इस तीर्थ स्थल के दर्शन के लिए आते हैं। और कहीं न कहीं ये बंदर अपने करतबों से उनका मन मोह लेते हैं।
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यहां एक प्राकृतिक जलधारा गोमुख से सूरज कुंड में गिरती है। इस पवित्र कुंड में स्नान करने के लिए दूर-दराज से लोग यहां आते हैं। बंदरों को भी इस स्नान का महत्व पता है शायद इसीलिए वो भी नियमित स्नान करते हैं।
यहां बंदर इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते और तो और बंदरों को कोई नुकसान ना पहुंचाए इसका भी खास ख्याल रखा जाता है। यदि आप भी कभी जयपुर के इस गलता मंदिर जाएं तो बंदरों से डरें नहीं, क्या पता आपके लिए भी कोई मौका सेल्फी वाला हो।