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Himachal: दो कार्यकाल से आरक्षित पंचायत प्रधान और सदस्य पद होंगे अनारक्षित, सरकार ने अधिसूचित किए ड्राफ्ट नियम

Fri, 13 Mar 2026 08:09 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 विभाग ने ड्राफ्ट नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत यदि किसी पंचायत में वार्ड सदस्य या प्रधान पद लगातार दो कार्यकाल तक किसी एक श्रेणी के लिए आरक्षित रहा है, तो इस चुनाव में उसे अनारक्षित (ओपन) किया जाएगा।
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पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
मंत्रिमंडल के फैसले के बाद पंचायती राज विभाग ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियमों में संशोधन के लिए ड्राफ्ट नियम अधिसूचित कर दिए हैं। शुक्रवार को विभाग ने ड्राफ्ट नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत यदि किसी पंचायत में वार्ड सदस्य या प्रधान पद लगातार दो कार्यकाल तक किसी एक श्रेणी के लिए आरक्षित रहा है, तो इस चुनाव में उसे अनारक्षित (ओपन) किया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं के लिए यह नियम तभी लागू होगा जब जिले या राज्य में आरक्षण का कुल निर्धारित प्रतिशत (जैसे 50 फीसदी या जो भी तय हो) प्रभावित न हो।
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पांच दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे
अगर आरक्षण हटा देने से सरकारी कोटा पूरा नहीं होता तो फिर पुराना नियम लागू होगा। विभाग ने ड्राफ्ट नियमों को लेकर जनता से पांच दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार संशोधन नियम 2026 लागू होने से नियम 28 और नियम 87 में संशोधन किया जाएगा। नियम 28 में पंचायत सदस्य पद के आरक्षण से संबंधित प्रावधान में नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत यदि किसी पंचायत में सदस्य का पद लगातार दो चुनावों तक किसी एक ही श्रेणी के लिए आरक्षित रहा है, तो इस चुनाव में उसे उसी श्रेणी के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा और उसे ओपन माना जाएगा।
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जिला परिषद और पंचायती समिति के अध्यक्ष के लिए होगी ये व्यवस्था
इसी तरह नियम 87 ग्राम पंचायत प्रधान के पद से संबंधित है। इसमें भी यह प्रावधान जोड़ा गया है कि यदि प्रधान का पद लगातार दो कार्यकाल तक किसी श्रेणी के लिए आरक्षित रहा है, तो इस चुनाव में उसे आरक्षित नहीं किया जाएगा और उसे सामान्य श्रेणी के रूप में माना जाएगा। इसी तरह जिला परिषद और पंचायती समिति के अध्यक्ष के पद दो कार्यकाल तक आरक्षित चल रहा है तो वह भी अनारक्षित माना जाएगा। सरकार के इस प्रस्तावित फैसले को पंचायतों में लंबे समय से चली आ रही आरक्षण व्यवस्था में संतुलन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कई पंचायतों में लगातार एक ही श्रेणी के लिए सीटें आरक्षित होने पर लोगों की ओर से आपत्तियां उठाई जाती रही हैं। अब सरकार की ओर से जारी ड्राफ्ट नियमों पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद आरक्षण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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