हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता जयराम ठाकुर साल 1998 में दो मार्च के दिन पहली बार विधायक बने थे। उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुए अपना पुराना वक्त याद किया है। आप भी देखें तस्वीरें...
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज ही के दिन 27 साल पहले विधायक बने थे। जयराम ठाकुर ने राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा से होते हुए जयराम ठाकुर बीजेपी में आए। विधायक, मंत्री और पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद साल 2017 में उन्हें केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री बनाया।
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जब कांग्रेस के मजबूत किले को ढहाया।
- फोटो : Jairam Thakur
साल 1993 का विधानसभा चुनाव हार चुके जयराम ठाकुर साल 1998 में चुनावी मैदान में उतरे। जिसमें उन्होंने कांग्रेस को हरा दिया। साल 1998 के बाद जयराम ठाकुर लगातार चुनाव जीतते रहे और कभी उन्हें विधानसभा चुनाव में हार नहीं मिली, लेकिन एक बार लोकसभा चुनाव में हार गए थे।
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जयराम ठाकुर का पहचान पत्र।
- फोटो : Jairam Thakur
संयोग से बने थे मुख्यमंत्री
भारतीय जनता पार्टी ने साल 2017 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में भले ही जीत हासिल कर ली थी, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे प्रेम कुमार धूमल को सुजानपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में पार्टी ने मंडी जिले की सिराज सीट से पांच बार के विधायक ठाकुर को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया और इस तरह जयराम ठाकुर संयोग से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए थे।
कर्नाटक के दामाद हैं जयराम ठाकुर
- फोटो : Jairam Thakur
कर्नाटक के दामाद हैं जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर का कर्नाटक से भी गहरा रिश्ता है। जयराम ठाकुर कर्नाटक के दामाद हैं। जयराम ने कर्नाटक के शिमोगा निवासी डॉ. साधना ठाकुर की। साधना का परिवार राजस्थान के जयपुर में शिफ्ट हो गया था। शादी से पहले वह साधना राव थी और उन्होंने 1980 में जयपुर के मेडिकल कॉलेज एसएमएस मेडिकल कॉलेज से मेडिसिन की पढ़ाई की थी। साधना भी एबीवीपी में सक्रिय थीं और जयराम तब एबीवीपी के पूर्ण रूप से कार्यकर्ता थे और मंडी से चुनाव लड़ने से पहले जम्मू-कश्मीर में कार्यरत थे। दोनों की दो बेटियां भी हैं।