हिमाचल प्रदेश के मंडी में कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या ने सबको झकझोर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी वारदात के बाद हुडी पहनकर मौके से भाग गया। उसने अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की। लेकिन...
सरकाघाट की गोपालपुर पंचायत के बैंजी गांव में सोमवार को दिनदहाड़े हुई कॉलेज छात्रा की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस जगह यह वारदात हुई, वहां से महज 10 मीटर की दूरी पर आगे-पीछे घर बसे हैं, लेकिन आरोपी ने बेखौफ होकर घटना को अंजाम दिया। हालांकि लोगों ने घेरा डालकर आरोपी को दबोच लिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
वारदात के बाद छिपे आरोपी तक जाने में हर कोई कतराता रहा। आरोपी के पास दराट होने सूचना पर हर कोई डरा हुआ था, लेकिन कुछ युवा आगे बढ़े और आरोपी तक पहुंचे। युवाओं पर भी आरोपी ने दराट से हमले का प्रयास किया, लेकिन वे बच गए। इसके बाद गुस्साए युवाओं ने आरोपी से दराट छुड़वाकर उसकी खूब धुनाई कर डाली।
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आरोपी को ले जाते हुए पुलिस व स्थानीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी वारदात के बाद हुडी पहनकर मौके से भाग गया। उसने अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की लेकिन पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में उसकी गतिविधियां कैद हो गईं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
यही फुटेज उसके पकड़े जाने की सबसे बड़ी वजह बनी। आरोपी पूर्व में एक स्कूल में उत्पात मचा चुका है। आरोपी के पकड़े जाने के बाद गुस्साए एक युवा ने पुलिस के सामने ही मुक्का मार दिया। हालांकि, पुलिस ने ऐसा करने से मना किया और आरोपी को साथ ले गई। आरोपी विकास की उम्र करीब 35 साल है। 12वीं आईटीआई पास है। वह बद्दी में प्लंबर की नौकरी कर चुका है।
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आरोपी को ले जाते हुए पुलिस व स्थानीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
छावनी में तब्दील हो गया पूरा गांव
घटना की सूचना मिलते ही पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी को काबू कर लिया गया। घटनास्थल के आसपास बेहद कम दूरी पर घर मौजूद हैं। ऐसे में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अब आबादी के बीच भी सुरक्षित महसूस नहीं होता।
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गोपालपुर में घटनास्थल पर बेसुध मृतक छात्रा की मां को संभालतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बेटियों को अकेले स्कूल-कॉलेज भेजने में लग रहा डर, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को ठहराया जिम्मेदार
घटना के बाद ग्रामीणों में डर साफ नजर आया। लोगों ने कहा कि अब बच्चों और खासकर बेटियों को अकेले स्कूल-कॉलेज भेजने में डर लगने लगा है। ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में चिट्टा और अन्य नशों के कारण अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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गोपालपुर में घटनास्थल पर बेसुध मृतक छात्रा की मां को संभालतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
सरकाघाट के डीएसपी संजीव कुमार गौतम पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। जिला मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने पुलिस जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। गुस्साए ग्रामीणों को शांत करवाकर करीब दो घंटे में आरोपी को भी काबू कर लिया।
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मृतक छात्रा सिया।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
4 माह, 6 हत्याएं
मंडी जिले में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। शांत और सौहार्दपूर्ण माने जाने वाले इस पहाड़ी जिले में अब हिंसा का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे खासकर बहू-बेटियों में असुरक्षा की भावना गहराने लगी है। वर्ष 2025 में मंडी में एक हत्या से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है जबकि साल 2026 में चार माह के भीतर छह हत्या के मामले सामने आ चुके हैं। संवाद
रिवालसर में बौद्ध भिक्षुणी की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार सुबह सरकाघाट के गोपालपुर में एक कॉलेज छात्रा की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। इसके अलावा बल्ह घाटी के लोहारा रिंज में पारिवारिक विवाद के चलते दादा की ओर से पोते पर फायरिंग की घटना ने भी लोगों को हिला कर रख दिया। तेजाब हमले और पेट्रोल-डीजल छिड़ककर महिलाओं को जलाने जैसी घटनाएं समाज को डराने लगी हैं।
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार बोले - हाल ही में हुई हत्या से जुड़े मामलों को सुलझा लिया गया है। जिला पुलिस कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार के अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। आमजन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
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घटनास्थल पर पुलिस व स्थनीय लोग।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
अधिकारी बनने का सपना रह गया अधूरा... सहपाठी स्तब्ध
हत्या की दर्दनाक घटना के बाद मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बिलखते हुए वह बार-बार यही कहती रहीं कि मेरी बेटी कहती थी कि पढ़-लिखकर बड़ी अधिकारी बनेंगी और हमें गरीबी से बाहर निकालेगी। रोज की तरह सोमवार सुबह खुशी-खुशी कॉलेज के लिए निकली थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
स्थानीय कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा की हत्या की खबर से पूरे कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में दुख और स्तब्धता का माहौल बन गया। वह पढ़ाई में सामान्य और व्यवहार में शांत स्वभाव की थीं। घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है और कई छात्र-छात्राएं भावुक नजर आए। कॉलेज प्राचार्य आरआर कौंडल ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है।
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आरोपी को ले जाते हुए पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
सरकाघाट-घुमारवीं हाईवे पर मौहीं में खोला मोर्चा, माहौल तनावपूर्ण
कॉलेज छात्रा हत्याकांड मामले में सरकाघाट-घुमारवीं हाईवे पर मौहीं के पास सोमवार देरशाम को इंसाफ की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन होश में आओ के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस के आग्रह के बावजूद प्रदर्शनकारी मानने को तैयार न हुए और माहौल तनावपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारी आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग करते रहे।
कॉलेज छात्रा हत्याकांड में सही कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीण सोमवार शाम करीब 7 बजे अचानक एकत्रित हुए। देखते ही देखते लोगों ने मुख्य मार्ग पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी रही। जाम के चलते दोनों तरफ बसें व अन्य वाहन भी फंस गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा।
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भीड़ को समझाते हुए पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मांग पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी
डीएसपी सरकाघाट संजीव कुमार गौतम ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और जाम जारी रखा। जाम करीब दो घंटे तक रहा। एसडीएम के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी हटे। पूर्व जिला परिषद सदस्य मुनीष ने कहा कि सरकाघाट इलाके में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
सरकाघाट के मौंही में चक्का जाम करते हुए ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
डीएसपी बोले- कानून सजा देगा, भीड़ बोली - फांसी दो
गोपालपुर पंचायत के बैंजी गांव में सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे हुई निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से लोग लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए और आरोपी को सख्त सजा देने की मांग करने लगे। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने स्तर पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। नालों, झाड़ियों और गेहूं के खेतों में करीब दो घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। आखिरकार आरोपी ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। भागने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने उसे चारों ओर से घेर लिया और उसकी पिटाई कर दी।
इस बीच पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब डीएसपी संजीव कुमार गौतम ने लोगों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि आरोपी को कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी। हालांकि, आक्रोशित भीड़ आरोपी को फांसी देने की मांग पर अड़ी रही। पुलिस के लिए आरोपी को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन गया। जवानों ने घेरा बनाकर उसे गाड़ी तक पहुंचाया और तुरंत वहां से रवाना किया। बावजूद इसके, लोगों का गुस्सा लंबे समय तक शांत नहीं हो सका। घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर काम किया। एक टीम ने मौके पर हालात संभाले, जबकि दूसरी टीम आरोपी की तलाश में जुटी रही। उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। भीड़ के भड़कने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे हालात काबू में रहे।