हालांकि, आने वाले दिनों में दामों में इजाफा होने की उम्मीद है। गुच्छी पर इस बार मौसम की मार भी पड़ी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार गुच्छी की पैदावार 30 से 40 फीसदी तक कम है। औषधीय गुणों से भरपूर गुच्छी की पांच सितारा होटलों में मांग रहती है। स्थानीय निवासी रेवत राम, कमल चंद ने कहा कि इस साल पहाड़ों पर गुच्छी की तलाश के लिए जा रहे ग्रामीण खाली लौट रहे हैं। वहीं व्यापारियों को भी गुच्छी नहीं मिल पा रही है। इसका मुख्य कारण कम बारिश और बर्फबारी का होना माना जा रहा है। कुल्लू में गुच्छी के व्यापारी विवेक शर्मा ने कहा कि अभी गुच्छी बेहद कम मात्रा में आ रही है।