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रोहतक: अचानक ट्रैक के पास आया, बेटे को गोद में उठाया, माथा चूमकर गले लगाया और कूद गया मालगाड़ी के आगे...

Sun, 17 Sep 2023 07:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

जांच अधिकारी एएसआई राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक युवक ने बच्चे के साथ मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंचे तो दोनों शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। मृतक की जेब से पता चला कि 35 वर्षीय संदीप सल्लारा मोहल्ले का रहने वाला है।
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विलाप करते मृतकों के परिजन। चेतना और भावेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के रोहतक में शनिवार सुबह करीब 11 बजे। रोहतक रेलवे स्टेशन से दिल्ली की तरफ चली मालगाड़ी ने रफ्तार पकड़ी थी कि कन्हेली के पास झाड़ियों के पास से एक युवक अचानक ट्रैक के पास आया। गोद में बच्चे को उठाया। माथा चूमकर गले लगाया और मालगाड़ी के आगे कूद गया। ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन एक किलोमीटर आगे चलकर गाड़ी रुक सकी। मालगाड़ी के ड्राइवर ने यह दृश्य जीआरपी को बताया और पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। जीआरपी ने दोनों शवों को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया है।

जांच अधिकारी एएसआई राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक युवक ने बच्चे के साथ मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंचे तो दोनों शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। मृतक की जेब से पता चला कि 35 वर्षीय संदीप सल्लारा मोहल्ले का रहने वाला है। उसके परिजनों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शवों की पहचान की।
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वारदात के बाद मिडिया से बातचीत करते रवि व विलाप करता मृतक रीना का भाई संदीप। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर आकर पता चला, पत्नी व बेटी की भी हो चुकी है मौत
संदीप के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उनको पहले संदीप और भावेश की मौत का पता लगा था। यह पता नहीं था कि घर पर रीना और चेतना की भी मौत हो चुकी है। सूचना के बाद पुरानी सब्जी मंडी थाना प्रभारी सतपाल सिंह टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गहन छानबीन के बाद मामले की सूचना रीना के मायके वालों को दी। झज्जर जिले के कबलाना गांव से रीना का भाई संदीप व मां परिवार के लोगों के साथ रोहतक पहुंचे।

पहले रीना की हत्या की गई, फिर चेतना का गला घोटा
पुलिस घर के अंदर पहुंची तो चारपाई पर रीना का शव मुंह के बल पड़ा था। गले पर निशान दिखाई दे रहे थे। नजदीक बेटी चेतना का शव था, जिसके गले में चुन्नी बंधी थी। इससे आशंका जताई गई कि पहले रीना की गला घोटकर हत्या की गई। इसके बाद चेतना को मारा गया है। आशंका है कि इसके बाद संदीप ढाई साल के बेटे भावेश को लेकर घर से चला गया और छह किलोमीटर दूर कन्हेली के पास मालगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी।
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संदीप, रीना, चेतना और भावेश। (फाइल फोटाे) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिखरे प्याज दे रहे थे गवाही, सुबह नहीं बना घर पर खाना
घर के अंदर रसोई से लेकर चारपाई तक छीले हुए प्याज पड़े थे। साथ ही रसोई में चाय के कप थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुबह परिवार के चारों सदस्यों ने चाय तो पी, लेकिन खाना नहीं बन सका। अनुमान लगाया गया कि रीना प्याज छीलकर सब्जी बनाने की तैयारी कर रही थी तभी पहले मां और फिर बेटी की हत्या की गई।

हर रोज सुबह चार बजे ड्यूटी पर जाता था संदीप
परिजनों ने बताया कि संदीप गुरुग्राम की एक ऑटो कंपनी में रिसीवर के तौर पर नौकरी करता था। हर रोज सुबह चार बजे घर से ड्यूटी के लिए निकलता और शाम छह बजे तक वापस आता था। बेटी चेतना दिव्यांग थी, जिसका एक पैर पतला था। वह यूकेजी में पढ़ती थी जबकि ढाई साल का भावेश अभी स्कूल नहीं जाता था।

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जांच करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साला बोला, परिजनों को जीजा से लगाव नहीं था
कबलाना से आए रीना के चचेरे भाई रवि ने बताया कि उसके जीजा संदीप से उसके परिजनों का लगाव नहीं था। एक बार संदीप सड़क हादसे में घायल हो गया। उस समय रीना मायके गई हुई थी। परिजनों ने फोन किया कि रीना ही आकर संदीप को संभालेगी। वे रात को ही रीना को छोड़ने रोहतक आए थे।

सहेलियों का हालचाल पूछने वाली रीना खुद खामोश हो गई
रीना झज्जर जिले के गांव कबलाना की रहने वाली थी। गांव से ही उसने 12वीं तक पढ़ाई की थी। आगे पढ़ाने की बजाय परिजनों ने उसकी शादी कर दी थी। उसकी एक सहेली ने बताया कि सात माह पहले साथ पढ़ने वाली लड़कियों का एक ग्रुप बनाया था, जिसमें रीना भी शामिल थी। रीना सबसे ज्यादा वाॅइस मैसेज भेजकर दूसरी सहेलियों का हालचाल पूछती थी। आज खुद उसकी आवाज खामोश हो गई। किसी सहेली ने ग्रुप में मैसेज डालकर बताया कि रीना नहीं रही।
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सल्लारा मोहल्ला में विलाप करते मृतकों के परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां चाहे सौतेली थी, लेकिन पिता तो एक ही था...
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे झज्जर जिले के कबलाना गांव से रीना के परिजन सल्लारा मोहल्ले में पहुंचे। परिजनों ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले अंदर नहीं जाने दिया। फिर रीना के चाचा और भाई को भेज दिया। बाहर आकर चचेरे भाई रवि ने बताया कि रीना और जीजा संदीप को परिवार के लोग तंग रखते थे। मां चाहे सौतेली थी, लेकिन पिता तो एक ही था। जब उसकी बहन को अलग किया गया तो मायके वालों ने ही सहारा लगाया था। उनको क्या पता था इसके बावजूद बहन का घर नहीं बस सकेगा।

पिता बोले, नहीं पता क्यों उठाया ऐसा कदम
सल्लारा मोहल्ले में जब रीना के परिजन पहुंचे तो काफी संख्या में लोग जमा हो गए। सड़क पर जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। रीना के मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। कहीं मां तो कहीं दिव्यांग भाई रो रहा था। ससुराल पक्ष के लोग दिखाई नहीं दिए। शवों को पीजीआई के डेड हाउस में ले जाया गया। मृतक संदीप के पिता होशियार सिंह मौके पर आए। वे किसी से बात नहीं कर रहे थे। पूछने पर केवल इतना कहा कि नहीं पता घर में क्या झगड़ा हुआ।

सास, ससुर व देवर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
झज्जर जिले के गांव कबलाना निवासी संदीप ने शिकायत दी है कि उसकी बहन रीना की शादी नौ साल पहले हुई थी। रीना व उसके पति संदीप को ससुर होशियार सिंह, सास और देवर उमेश तंग करते थे। शनिवार को रीना व उसकी बेटी चेतना की आरोपियों ने हत्या कर दी जबकि संदीप व बेटे भावेश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 व 306 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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