सल्लारा मोहल्ला में विलाप करते मृतकों के परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां चाहे सौतेली थी, लेकिन पिता तो एक ही था...
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे झज्जर जिले के कबलाना गांव से रीना के परिजन सल्लारा मोहल्ले में पहुंचे। परिजनों ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले अंदर नहीं जाने दिया। फिर रीना के चाचा और भाई को भेज दिया। बाहर आकर चचेरे भाई रवि ने बताया कि रीना और जीजा संदीप को परिवार के लोग तंग रखते थे। मां चाहे सौतेली थी, लेकिन पिता तो एक ही था। जब उसकी बहन को अलग किया गया तो मायके वालों ने ही सहारा लगाया था। उनको क्या पता था इसके बावजूद बहन का घर नहीं बस सकेगा।
पिता बोले, नहीं पता क्यों उठाया ऐसा कदम
सल्लारा मोहल्ले में जब रीना के परिजन पहुंचे तो काफी संख्या में लोग जमा हो गए। सड़क पर जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। रीना के मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। कहीं मां तो कहीं दिव्यांग भाई रो रहा था। ससुराल पक्ष के लोग दिखाई नहीं दिए। शवों को पीजीआई के डेड हाउस में ले जाया गया। मृतक संदीप के पिता होशियार सिंह मौके पर आए। वे किसी से बात नहीं कर रहे थे। पूछने पर केवल इतना कहा कि नहीं पता घर में क्या झगड़ा हुआ।
सास, ससुर व देवर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
झज्जर जिले के गांव कबलाना निवासी संदीप ने शिकायत दी है कि उसकी बहन रीना की शादी नौ साल पहले हुई थी। रीना व उसके पति संदीप को ससुर होशियार सिंह, सास और देवर उमेश तंग करते थे। शनिवार को रीना व उसकी बेटी चेतना की आरोपियों ने हत्या कर दी जबकि संदीप व बेटे भावेश को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 व 306 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।