हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार लाठर ने सुसाइड नोट में लिखा कि हरियाणा में आईएएस अधिकारी व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं। भाजपा सरकार के कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं।
जींद के जुलाना निवासी हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप कुमार लाठर के शव के पास पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। इसमें एडीजीपी पूरण कुमार का नाम एक बार लिखा है और दो बार पद से संबोधित किया गया है। एक बार उनकी आईएएस पत्नी का उल्लेख करते हुए संपत्ति की जांच की मांग की है। नोट में संदीप ने भगत सिंह का अपना आदर्श बताया है।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह लिखा है फाइनल नोट में...
संदीप कुमार पुत्र दयानंद गांव जुलाना, जींद। मैंने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है। मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है। मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े। सेना में रहे। छोटे दादाजी तो सात साल बर्मा (म्यांमार) में देश की लड़ाई में कैद में रहे। मेरी रगों में देशभक्ति है। देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि जो कुर्बानी उन्होंने देश को आजाद करवाने में लगाई, वह एक लीजेंड थे। अगर भगत सिंह जैसे न होते तो क्या देश आजाद होता? वह भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे। हमारी नस्लों को यह (उनका बलिदान) प्रेरणा देता है पर आज समाज में बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार और जातिवाद है जो हमें सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा में आईएएस अधिकारी व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं। भाजपा सरकार के कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं। माहौल में ढलने में मुझे शुरुआत में काफी कठिनाइयां आईं। मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले वीडियो भी बनाया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमने अपराध पर लगाम लगाने का बहुत प्रयास किया। अफसरों का सहयोग मिला, मार्गदर्शन मिला, सही के लिए प्रेरित किया। पूरण कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी कार्यालय में कर दी गई।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ईमानदार का तबादला कर दिया गया। जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला और कर्मचारियों को कार्यालय बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर उनसे रुपये लिए। रोहतक रेंज से फाइल मंगवाकर उनमें छोटी-छोटी गलतियां निकालकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर एसआई सुनील व गनमैन सुशील रुपये ऐंठते थे।
महिला पुलिसकर्मियों को कार्यालय में बुलाकर तबादला करने के नाम पर यौन उत्पीड़न किया गया। सामान्य नागरिकों और व्यापारियों को बुलाकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
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रोहतक के एएसआई संदीप ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट भी लिखा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोटी रिश्वत ऐंठी गई। अपराध को बढ़ावा नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की गई। कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो किसी से कुछ नहीं बिगाड़ पाने की बात कहता। उच्च्च अधिकारियों व सीएम की जानकारी में यह आने पर इनका तबादला किया गया।
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संदीप की खुदकुशी के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें तबादले के बाद एक व्यापारी को बदमाशों ने पहले ही धमकी दी थी उसे अपने कार्यालय बुलाकर बेइज्जत किया गया अपशब्द कहे गए। गनमैन सुशील ने उनके कार्यालय में जाकर रुपये लिए। इसकी सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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इसी पिस्टल से की संदीप ने खुदकुशी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है। इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए। यह हमारे देश और समाज के आगे बढ़ने के लिए जरूरी है। समाज के काले कौवों और भ्रष्टाचारी अधिकारी इस लड़ाई को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वे यह भूल गए हैं कि हमारी रगों में देशभक्ति भरी है। मेरे जैसी सौ जानें कुर्बान-देश नहीं झुकेगा सच्चाई की जीत होगी।
रोहतक के एएसआई संदीप के शव को उतारते लोग
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अधूरे सुसाइड नोट ने छोड़े सुलगते सवाल
-चार पन्ने के सुसाइड नोट के चौथे (अंतिम) पन्ने की अंतिम पंक्ति अधूरी है। शायद ये अधूरी ही छोड़ दी गई या कोई पेज कहीं छूट गया।
-नीले रंग की स्याही से लिखे गए सुसाइड नोट में कहीं भी एएसआई संदीप कुमार के साइन नहीं हैं।
-ईमानदार अफसर बनाम भ्रष्टाचार और जातिगत शोषण पर उठे सवाल बताते हैं कि सिस्टम में सब कुछ ठीक नहीं है।
-महिला कर्मियों के तबादले के नाम पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर क्या पहले कोई शिकायत हुई थी? क्या इनकी जांच होगी?
-पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया को बेहद ईमानदार बताए जाने के पीछे क्या वजह है?