भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत शुक्रवार की सुबह रुड़की में नारसन के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। तभी वहां से गुजर रहे पानीपत रोडवेज के बस चालक और परिचालक की नजर उन पर पड़ी और दोनों मदद के लिए आगे आए। उन्होंने जख्मी हालत में ऋषभ का सिर गोद में रखकर उनका नाम पता पूछा। फिर एंबुलेंस को बुलाया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। जब बस रोककर चालक-परिचालक नीचे आए तो वहां ऋषभ पंत जख्मी हालत में कार से आधा बाहर लटक रहा था। कार में आग लगनी शुरू हो चुकी थी।
इससे पहले ऋषभ पानी के लिए कराहते रहे, लेकिन पानी पीने से संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें नहीं उपलब्ध कराया गया। जब यह जानकारी पानीपत रोडवेज प्रबंधन को लगी तो उन्होंने ऋषभ पंत की जान बचाने वाले चालक-परिचालक को सम्मानित किया।
चालक सुशील कुमार ने बताया कि कुछ लोग वीडियो बनाने लगे, कोई पैसे उठा रहा था। कुछ बस वहां से गुजरी लेकिन कोई नहीं रूका। उन्होंने कहा कि हमें वीडियो बनाने से मतलब नहीं था, जान बचानी थी। उन्होंने अन्य को भी वीडियो बनाने से मना किया। हमें वीडियो बनाकर फेमस नहीं होना था, मानवता जरूरी थी। परिचालक परमजीत ने भी कहा कि मदद करना हमारा कृत्वय था।