पानीपत में स्कूल की प्रिंसिपल और वैन चालक की कारगुजारी के चलते 25 बच्चों के भविष्य को अधर में लटक गया है। स्कूल पर ताला लग गया है। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है।
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child beat up at school
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दादू स्कूल बंद क्यों हुआ, अब हम कहां पढ़ेंगे...। सृजन पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले तीन-चार साल के मासूमों ने अपने दादा से ये सवाल किए तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए। सिस्टम की लापरवाही व स्कूल संचालिका और वैन चालक की कारगुजारी ने 25 बच्चों के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
सत्र के बीच में उनकी पढ़ाई छूट गई है। अभिभावक अब दूसरे स्कूलों का विकल्प तलाश रहे हैं लेकिन बीच सत्र में प्रवेश मिलेगा या नहीं इस पर संशय है। सात साल के दूसरी कक्षा के बच्चे को खिड़की पर उल्टा लटकाकर पीटने का मामला उजागर होने के बाद यह स्कूल सील कर दिया गया है।
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child beat up at school
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल जिले के खोरा खेड़ी गांव के महावीर शर्मा ने बताया कि उनके दो पोते विहान शर्मा और अवि शर्मा सृजन पब्लिक स्कूल में यूकेजी और एलकेजी में पढ़ाई करते थे। पहले स्कूल उनके गांव से सिर्फ एक किमी दूर रिफाइनरी रोड के पास था। बच्चों के प्रवेश होने और किताबें मिलने के बाद स्कूल को जाटल रोड पर घर से करीब 20 किमी दूर शिफ्ट कर दिया गया। उस समय उनके सामने बच्चों का एक साल खराब होने की चिंता थी।
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स्कूल के बाहर बच्चे और अभिभावकों से पूछताछ करते अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चों की पढ़ाई पर संकट
जिस कारण बच्चों को भेज दिया। लेकिन अब तो स्कूल पर ताला लग गया है। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। घरौंडा के कई स्कूलों में बच्चों के प्रवेश के लिए संपर्क किया है। बीच में प्रवेश मिलेगा या नहीं इस पर संशय बना है। वहीं, रिफाइनरी के हिमांशु गुप्ता ने बताया कि उन्होंने भी रिफाइनरी के पास होने के कारण सृजन पब्लिक स्कूल में प्रवेश कराया था। उनके तीन बच्चे एक यूकेजी और दो एलकेजी में पढ़ाई करते हैं।
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इसी स्कूल में बच्चों के साथ की जाती थी क्रूरता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फीस लेने के बाद स्कूल को घर से 20 किमी दूर शिफ्ट कर दिया गया लेकिन बच्चों का एक साल खराब न हो, उन्होंने उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रखी। रिफाइनरी टाउनशिप से ही दीपक कुमार ने बताया कि उनके परिवार के तीन बच्चे पारस, कीरत और प्रयाग भी सृजन स्कूल में पढ़ रहे थे। अब उन्हें भी बच्चों की पढ़ाई की चिंता है।
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मामला खुलने के बाद स्कूल को सील कर दिया गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नहीं पता कब तक होगा दूसरे स्कूल में दाखिला
जिस बच्चे को स्कूल में उल्टा लटकाया था उसका परिवार जाटल रोड पर ही रहता है। बच्चे की मां का कहना है कि उन्होंने मुश्किल से बच्चे की पढ़ाई शुरू कराई थी। अब अगले स्कूल में प्रवेश मिलेगा या नहीं इसकी चिंता सता रही है। मैडम ने हमें नहीं बताया था कि स्कूल की मान्यता नहीं है।
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स्कूल के बाहर पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चे को उल्टा लटकाने के बाद चर्चा में आए स्कूल में केवल 25 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इनमें भी ज्यादातर करीब 20 किमी दूर ददलाना, रिफाइनरी टाउनशिप और आस-पास के गांव के रहने वाले हैं। सृजन पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इनको किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। अभिभावकों की पूरी मदद की जाएगी।- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी पानीपत
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आरोपी प्रिंसिपल रेनू
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यह था मामला
पानीपत के जाटल रोड स्थित सृजन पब्लिक स्कूल में बच्चे के साथ क्रूरता का मामला सामने आया था। दूसरी कक्षा के सात साल के मासूम ने होमवर्क नहीं किया तो शिक्षिका को इतना नागवार गुजरा कि उसने सजा देने के लिए स्कूल के वैन चालक से उसे पिटवा दिया। चालक ने बच्चे के पैर रस्सी से बांधकर खिड़की से उल्टा लटकाकर पिटाई की। इसकी शिकायत करने पर आरोपी ने परिजनों को धमकाने के लिए उनके घर कुछ युवक भेज दिए। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल और वैन चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
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स्कूल में बच्चे को उल्टा लटकाकर पीटा
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घटना 13 अगस्त की है। स्कूल प्रबंधन ने डेढ़ महीने तक परिवार से इस घटना को छिपाए रखा। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिजनों को इसका पता चला। पुलिस को दी शिकायत में बच्चे की मां ने बताया कि प्रिंसिपल को शिकायत देने पर उनको बताया गया कि बच्चे के होमवर्क न करने पर शिक्षिका ने वैन चालक अजय को बुलाया था।। अजय मासूम को स्कूल की ऊपरी मंजिल पर कमरे में ले गया।
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- फोटो : अमर उजाला
पैर बांधकर खिड़की से उल्टा लटकाया
वहां पहले बच्चे को पीटा, फिर रस्सी से पैर बांधकर खिड़की से उल्टा लटका दिया। उसने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। उसने वीडियो साथियों को भी भेजा था।
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स्कूल के जिस कमरे में बच्चे को लटकाया गया था उसकी जांच करती टीम
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मासूम छात्र ने बताई जुल्म की दास्तां
मासूम बच्चे ने बताया कि मेरी रबर गुम हो गई थी। मैं उसे ढूंढ रहा था। इतनी सी बात पर रेनू मैडम को गुस्सा आ गया। उन्होंने मुझे पास बुलाया। पहले खुद पीटा और फिर ड्राइवर अंकल को बुला लिया। उनसे कहा कि इसे दूसरे कमरे में ले जाओ और उल्टा लटका दो। अंकल ने बहुत पीटा और हाथ पैर बांध दिए। मैं रो रहा था लेकिन अंकल को तरस नहीं आया। "मैंने अंकल से कहा, प्लीज और मत पीटना। अब कोई गलती नहीं करूंगा लेकिन वे रुके नहीं।
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बाद में मैडम ने कह दिया था कि अगर किसी को बताया तो अंजाम बहुत बुरा होगा। मुझे लगा कि मैडम फिर से उल्टा लटकवा देगी। इसी डर से चुप रहा। बच्चे ने सोमवार को बाल कल्याण समिति के सामने बहुत धीमी आवाज में बताया कि उस दिन से उसे ठीक से नींद भी नहीं आ रही है। जब आंख लगती तो डरावने सपने आते हैं। कमरे में अकेले जाता है तो डर लगता है। वह इतना डर गया था कि पढ़ाई में मन ही नहीं लग रहा था।